![]()
सुकमा जिले में शबरी नदी 20 साल बाद फिर उफान पर है। जिला मुख्यालय के पास नदी का जलस्तर 12.250 मीटर तक पहुंच गया है, जो वार्निंग लेवल 12 मीटर से ऊपर है। इससे सुकमा जिला मुख्यालय में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर के आधा दर्जन वार्डों के घरों में पानी घुस गया है। बाढ़ के कारण जिला मुख्यालय का जगदलपुर, कोंटा और ओडिशा से सड़क संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने 19 राहत शिविर बनाए हैं। इनमें सैकड़ों लोगों को शिफ्ट किया गया है। नगरीय निकाय और जिला प्रशासन की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। रात 1 बजे 8 लोगों का रेस्क्यू रात करीब 1 बजे कुर्मिरास गांव से 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाढ़ का पानी बैंक ऑफ बड़ौदा के भवन में भी घुस गया है। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहा है। कोंटा में नदी का जलस्तर एक फीट घटा है, लेकिन सुकमा में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कोंटा-तोंगपाल सड़क पर सैकड़ों ट्रक फंसे बाढ़ और जलभराव के कारण कोंटा से तोंगपाल तक कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। मार्ग में सैकड़ों ट्रक और अन्य वाहन फंसे हुए हैं। प्रमुख पुल-पुलियों पर पानी बढ़ने के कारण आवागमन रोकना पड़ा है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। 2006 में 15 मीटर तक पहुंचा था जलस्तर रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2006 में जिला मुख्यालय के पास शबरी नदी का जलस्तर करीब 15 मीटर तक पहुंचा था। इसके करीब दो दशक बाद अब नदी का जलस्तर 12.250 मीटर तक पहुंच गया है। लगातार बारिश के कारण नदी और आसपास के नालों में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
Source link
20 साल बाद फिर उफान पर शबरी नदी:जगदलपुर, कोंटा और ओडिशा से सड़क संपर्क टूटा; देर रात 8 लोगों का रेस्क्यू
