Headlines

अंबाला बिल्डिंग हादसा, एक परिवार का शव उठाने से इनकार:बोले- मालिक ने ₹8 लाख में समझौते के लिए व्यक्ति भेजा; गिरफ्तारी पर अड़े




अंबाला में बिल्डिंग गिरने से 6 लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। चार मृतकों के परिजन सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर चले गए। एक परिवार मंगलवार को डेडबॉडी लेकर जाएगी। वहीं एक मृतक का परिवार बिल्डिंग बनवा रहे श्रीपाल राणा और हरदीप सिंह जग्गी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा हुआ है। उनका कहना है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद ही वे शव उठाएंगे। इसी मांग को लेकर सोमवार दोपहर उन्होंने अंबाला सिटी अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। करीब साढ़े 3 बजे हंगामे के दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि बिल्डिंग मालिक की ओर से एक व्यक्ति उनके पास आया और 8 लाख रुपए में समझौता करने की बात कही। इस दौरान एक महिला बेहोश हो गई। पुलिस बीच-बचाव करते हुए उक्त व्यक्ति को अपने साथ ले गई। जब इस मामले को लेकर बलदेव नगर थाना SHO कुलदीप सिंह को कॉल किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। दोपहर में घायलों से मिलने सिविल अस्पताल पहुंचे कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सामने भी परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर 10 लोगों की लाशें थीं, लेकिन 6 की मौत बताई गई और 4 लाशें गायब कर दी गईं। परिजनों ने प्रॉपर्टीज के मालिक जग्गी पर मंथली देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि इसी वजह से SHO अवैध निर्माण होने देते हैं। उन्होंने SHO और निगम कमिश्नर को सस्पेंड करने की मांग की। इस पर मंत्री अनिल विज ने SIT गठित कर जांच कराने की बात कही। उधर, पूर्व मंत्री असीम गोयल ने सोमवार शाम को अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर लिखा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। पहले आज की तस्वीरें देखिए… अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज सूत्रों के मुताबिक बलदेव नगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या करने का प्रयास), धारा 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाही) और धारा 290 (इमारतों के निर्माण, मरम्मत या उन्हें गिराने में लापरवाही) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारी इस मामले में अभी कुछ नहीं बोल रहे। सोमवार को रूप सिंह, रामजी दास, राजेंद्र और मलकीत सिंह के परिजन पोस्टमॉर्टम के बाद शव लेकर चले गए। कालिया राम के परिवार ने मंगलवार को डेडबॉडी ले जाने की बात कही है। लाल बहादुर शास्त्री के परिजन अस्पताल में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। कौन हैं हरदीप जग्गी, जिन पर आरोप लगे मृतकों के परिजन जिस जग्गी प्रॉपर्टीज पर आरोप लगा रहे हैं, उसके मालिक हरदीप सिंह जग्गी हैं। उनका अंबाला कैंट में जीटी रोड पर जग्गी सिटी सेंटर है। हाल ही में उन्होंने एक मार्केट लॉन्च की थी। हाल ही में जग्गी की कंपनी की ओर से एक व्यक्ति और उसकी पत्नी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग के आरोप में FIR भी दर्ज कराई गई थी। ये लोग अभी अस्पताल में भर्ती तीनों मंजिलों पर मजदूर काम कर रहे थे बिल्डिंग में काम कर रहे कर्मजीत ने बताया कि पहली मंजिल पर प्लास्टर का काम चल रहा था, जबकि दूसरी मंजिल पर फर्श डाला जा रहा था। तीसरी मंजिल पर लेंटर डाला जा रहा था। पहली मंजिल पर 6 से 7 लोग, दूसरी मंजिल पर 3 लोग और तीसरी मंजिल पर 10 से 12 लोग काम कर रहे थे। दोपहर करीब 3 से 3:30 बजे के बीच अचानक लेंटर नीचे बैठ गया। दूसरी मंजिल पर काम कर रहे लोग भी मलबे में दब गए। कुछ लोग ऊपर से कूद गए। बिल्डिंग के पीछे तरफ का हिस्सा नीचे तक पूरा गिर गया। आगे का हिस्सा अभी भी खड़ा है। बिहार के पूर्णिया निवासी मजदूर रामचंद्र ने आरोप लगाया कि वह भी इसी बिल्डिंग में काम करता था। 2 दिन पहले लेंटर डालने के लिए शटरिंग की गई थी, लेकिन मिस्त्री ने शटरिंग ठीक तरीके से नहीं की। इसी वजह से उसने काम छोड़ दिया था। रामचंद्र का आरोप है कि गलत शटरिंग के कारण ही बिल्डिंग का हिस्सा गिरा।
धुएं के गुब्बार के बीच मजदूरों को छत से कूदते देखा बिल्डिंग के सामने दुकान चलाने वाले सुमंत ने बताया कि यहां करीब 3 महीने से निर्माण कार्य चल रहा था। रविवार दोपहर अचानक धमाके जैसी आवाज आई और सामने वाली बिल्डिंग भरभराकर नीचे आ गई। कुछ ही सेकंड में पूरे इलाके में धूल का गुब्बार छा गया। सुमंत के मुताबिक धूल छंटने के बाद कुछ मजदूर पहली मंजिल से छलांग लगाते दिखाई दिए। किसी के पैर में चोट लगी तो किसी की टांग में। उसने बताया कि रामगोपाल यादव, भूपेश कुमार और संतोष सिंह समेत कुछ मजदूरों ने जान बचाने के लिए छलांग लगाई। साथ वालों की जान गई, मैं खुद मलबे से निकाला वेद गरनाला निवासी वेद प्रकाश ने बताया कि वह मिस्त्री व मजदूर के साथ ग्राउंड फ्लोर पर पलस्तर कर रहे थे। अचानक लेंटर ही गिर पड़ा। मलबे में दबने के कारण हाथ टूट चुका था और ऊपर ईंटें व
सरिये थे। कड़ी मशक्कत के बाद खुद को मलबे से बाहर निकाला। 10 मिनट के बाद लोग उस तक पहुंचे और अस्पताल पहुंचाया। पता चला कि साथ वाले 4 लोग मिस्त्री व मजदूर की जान जा चुकी है। 13 जून को हुआ था ठेका राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इस जमीन को 2019 में पंचकूला निवासी अजय ने गांव गोली की महिला प्रीतम कौर को बेचा हुआ है। यह जमीन 25 फीट चौड़ी व 123.6 फीट लंबी थी। बिल्डिंग को बनाने का ठेका 13 जून 2026 को महिला ने ठेकेदार मलकीत सिंह को दिया था। 200 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से ठेका हुआ था। बाकायदा ठेकेदार एडवांस पैसे ले चुका था। DC बोले- बिल्डिंग कब बनी, रिकॉर्ड खंगालेंगे DC सचिन गुप्ता ने कहा कि बिल्डिंग का निर्माण कब शुरू हुआ था, इसकी जांच कराई जा रही है। यह बिल्डिंग अनऑथराइज्ड थी या नहीं, इसका भी पता लगाया जाएगा। नगर निगम और तहसील से बिल्डिंग और जमीन के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *