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हिमाचल के धर्मशाला में बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस का 10 सदस्यीय दल तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा से मिलने पहुंचा। चीन की आपत्तियों को नजरअंदाज कर हुई इस मुलाकात से शी जिनपिंग सरकार नाराज है। मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ब्रायन मास्ट ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि चीन के दमन के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। मास्ट ने बताया कि दलाई लामा के साथ चीन और तिब्बती लोगों की आजादी पर लंबी चर्चा हुई। उन्होंने दलाई लामा को स्वतंत्रता का प्रतीक बताया और कहा कि अमेरिका और तिब्बत स्वतंत्रता व लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं, जो चीन से अलग है। मास्ट ने चीन पर जासूसी, पुलिस भेजने, लोगों के अंग निकालने और बौद्धिक संपदा चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी सरकार तिब्बतियों और उइगरों का दमन कर रही है, जिसके खिलाफ अमेरिकी संसद आवाज उठाती रहेगी। चीन के सूचना नियंत्रण व दमन के खिलाफ प्रेस वार्ता के दौरान सांसद हेली स्टीवंस ने भी कहा कि जब दुनियाभर में स्वतंत्रता और लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं, तब दलाई लामा और अमेरिकी नेतृत्व मिलकर खड़े हैं, जो चीन के सूचना नियंत्रण व दमन के खिलाफ एक कड़ा संदेश है। ये सांसद दलाईलामा से मिलने पहुंचे
रिपब्लिकन पार्टी: ब्रायन मास्ट, स्कॉट फ्रैंकलिन, वॉरेन डेविडसन, जेम्स गैलाघर कार्लोस गिमेनेज और जिमी पेट्रोनिस डेमोक्रेटिक पार्टी: भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार , यासमीन अंसारी, हेली स्टीवंस और जॉर्ज व्हाइटसाइड्स मुलाकात के बाद अमेरिकी सांसदों ने क्या कहा
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10 अमेरिकी सांसदों ने दलाई लामा से की मुलाकात:चीन की आपत्ति दरकिनार कर धर्मशाला पहुंचे; कहा-तिब्बती धर्मगुरु स्वतंत्रता के प्रतीक
