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बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के तहत संचालित ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को औरंगाबाद जिले के सभी 14 सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यालय की व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं को लेकर अभिभावकों से सीधे संवाद करना रहा। डीएम के निर्देश पर नामित वरीय पदाधिकारियों ने संबंधित विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान नियमित कक्षाओं के संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों, विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों और शैक्षणिक वातावरण का जायजा लिया गया। अभिभावकों ने भी विद्यालय की व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित अपने सुझाव पदाधिकारियों के समक्ष रखे। जिले के 14 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। इनमें अनुग्रह इंटर कॉलेज (गेट स्कूल), देवांशी उच्च विद्यालय सुंदरगंज, उच्च विद्यालय चरण महादेवा, उच्च विद्यालय डुमरी, राजा जगन्नाथ उच्च विद्यालय देव, उच्च विद्यालय बेरी, रानी ब्रजराज उच्च विद्यालय रफीगंज, उच्च विद्यालय रुकुंडी, उच्च विद्यालय पथरौर, राष्ट्रीय उच्च विद्यालय दाउदनगर, उच्च विद्यालय ओबरा, अनुग्रह कन्या उच्च विद्यालय, टाउन इंटर विद्यालय और राजकीयकृत उच्च विद्यालय जम्होर शामिल हैं। स्मार्ट क्लास, लैब और रेमेडियल क्लास की व्यवस्था पर जोर आदर्श विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट कक्षा, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल सुविधाओं सहित अन्य शैक्षणिक संसाधनों के नियमित उपयोग की स्थिति देखी गई। कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लास यानी उपचारात्मक कक्षाओं की व्यवस्था, निर्धारित समय-सीमा में पाठ्यक्रम पूरा करने, शिक्षकों की ओर से आधुनिक व प्रभावी शिक्षण पद्धतियों के इस्तेमाल की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विद्यालयों में ऐसी व्यवस्था पर बल दिया, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ाई में अतिरिक्त सहायता मिल सके। शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार खेल कैलेंडर के अनुपालन, एथलेटिक्स क्लब के गठन और संचालन तथा माहवार परीक्षा कैलेंडर के अनुसार मूल्यांकन जैसी गतिविधियों को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ खेल, अनुशासन, रचनात्मकता और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी उनकी भागीदारी बढ़ाना है। संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाओं से पढ़ाई में मिल रही मदद को लेकर छात्र-छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।
गेट स्कूल का एसडीओ व डीपीआरओ ने किया निरीक्षण अनुग्रह इंटर कॉलेज (गेट स्कूल), औरंगाबाद में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का निरीक्षण सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी ने किया। अधिकारियों ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों और अभिभावकों की सहभागिता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को भी जाना। प्राप्त सुझावों के आधार पर संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया। नामित पदाधिकारियों को अपने-अपने आवंटित आदर्श विद्यालयों का निरीक्षण कर वहां की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और संसाधनों के उपयोग की स्थिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
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औरंगाबाद के 14 आदर्श विद्यालयों में अभिभावकों से सीधा संवाद:स्कूलों में संगोष्ठी, पैरेंट्स ने रखे पढ़ाई से जुड़े सुझाव; उपस्थिति और संसाधनों की जांच
