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चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस में लंबित मामलों, ऑटो-म्यूटेशन की प्रगति, डिजिटल सेवाओं, रिकॉर्ड मैनेजमेंट और लोगों की शिकायतों के निपटारे को लेकर डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने समीक्षा बैठक की। बैठक में शाखावार पेंडेंसी की स्थिति की समीक्षा के साथ अधिकारियों को लंबित मामलों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को खास तौर पर उन मामलों को जल्द निपटाने के लिए कहा गया, जिनमें संबंधित पक्षों या अन्य विभागों से जवाब का इंतजार है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि एस्टेट ऑफिस की विभिन्न शाखाओं में कुल 230 आवेदन लंबित हैं। अधिकारियों के मुताबिक ये सभी आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर हैं। एस्टेट ऑफिसर ने सभी शाखाओं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचे हुए मामलों का तय समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। जिन मामलों में संबंधित पक्षों या अन्य विभागों से जवाब का इंतजार है, उनमें भी प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। ऑटो-म्यूटेशन सुविधा ने के बाद 2031 डीड मिलीं एस्टेट ऑफिस में ऑटो-म्यूटेशन की सुविधा 7 जुलाई 2025 को शुरू की गई थी। इसके बाद अब तक कुल 2,031 डीड प्राप्त हुई हैं। समीक्षा बैठक में 1 मई 2026 से 23 सितंबर 2026 के बीच प्राप्त डीड की भी स्थिति बताई गई। इस अवधि में कुल 600 डीड प्राप्त हुईं। इनमें से 552 डीड का निपटारा किया जा चुका है। इनमें 543 डीड को मंजूरी दी गई, जबकि 9 डीड को खारिज किया गया। इसके अलावा 33 डीड आपत्तियों के साथ वापस की गई हैं, जबकि 15 डीड अभी प्रक्रिया में हैं। फेसलेस-पेपरलेस सिस्टम की ओर बढ़ रहा एस्टेट ऑफिस बैठक में एस्टेट ऑफिस की डिजिटल पहलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ऑफिस लगातार फेसलेस, पेपरलेस और पारदर्शी प्रॉपर्टी गवर्नेंस की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के निर्देश रिकॉर्ड मैनेजमेंट को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। सभी शाखाओं को अपने रिकॉर्ड की शाखावार इन्वेंटरी तैयार करने, फाइलों को उचित तरीके से लेबल करने और स्कैन की गई फिजिकल फाइलों को चरणबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना, कार्यालय में जगह का बेहतर इस्तेमाल करना और जरूरत पड़ने पर फाइलों को आसानी से ट्रेस करना है। अधिकारियों को रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। CIA ब्रांच की शिकायतों की समीक्षा बैठक में CIA ब्रांच के तहत वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान प्राप्त जन शिकायतों और रिप्रेजेंटेशन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत की जाए। लंबित शिकायतों का नियमों के अनुसार निपटारा करने और आवेदकों को उनकी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी समय पर देने के लिए भी कहा गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि लोगों की शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। नागरिकों के हिसाब से हो सेवाओं का संचालन डीसी-कम-एस्टेट ऑफिसर निशांत कुमार यादव ने कहा कि सरकारी सेवाओं की डिलीवरी नागरिक केंद्रित, पारदर्शी और समयबद्ध रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों का तय समय में निपटारा करने और लोगों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल सेवाओं को आगे बढ़ाने के साथ रिकॉर्ड मैनेजमेंट और शिकायत निवारण की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित रखने पर जोर दिया, ताकि नागरिकों को एस्टेट ऑफिस से जुड़ी सेवाएं सुविधाजनक तरीके से मिल सकें।
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चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस में 230 आवेदन पेंडिंग:एस्टेट ऑफिसर ने 552 ऑटो म्यूटेशन केस निपटाए; कहा-लंबित शिकायतों की होगी सुनवाई
