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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर जिले के तहसील शाहगंज स्थित ग्राम कौड़िया में परिक्रमा मार्ग की भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाने की शिकायत पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने संबंधित तहसीलदार को तीन महीने के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। क्या है मामला जानिये याचिकाकर्ता मोहम्मद फैज ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गाटा संख्या 936 (क्षेत्रफल 0.020 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 905 (क्षेत्रफल 0.004 हेक्टेयर), जो राजस्व अभिलेखों में परिक्रमा मार्ग के रूप में दर्ज हैं, पर अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है। याचिका में राज्य सरकार को इस अतिक्रमण को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत के पूर्व आदेश के अनुपालन में शाहगंज के तहसीलदार द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी निर्देश राज्य के स्थायी अधिवक्ता ने अदालत में पेश किया। इस रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि विवादित भूमि पर पाए गए अतिक्रमण के संबंध में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67(1) के तहत अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध पहले से ही कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। यह मामले तहसीलदार के समक्ष तीन केस लंबित हैं। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए तहसीलदार, शाहगंज, जौनपुर को निर्देश दिया कि वे धारा 67(1) के तहत लंबित उपरोक्त तीनों मामलों में सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करें। यह आदेश इस निर्णय की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पारित किया जाना है, ताकि कार्यवाही को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।
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जौनपुर प्रशासन तीन महीने में ले निर्णय:परिक्रमा मार्ग पर अतिक्रमण का मामला, कोर्ट ने कहा सभी पक्षों को सुनें
