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पंजाब में नियमित DGP नियुक्त नहीं होने पर हाईकोर्ट सख्त:मुख्य सचिव से 10 दिन में मांगा जवाब; सरकार बोली-मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित




पंजाब में नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं होने को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव से 10 दिन के अंदर स्पष्ट जवाब देने को कहा है कि राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति कब तक की जाएगी। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि नियमित डीजीपी की नियुक्ति से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 8 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से नियुक्ति को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने कहा-डीजीपी का पद महत्वपूर्ण हाईकोर्ट ने कहा कि डीजीपी का पद राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पुलिस प्रमुख सीधे तौर पर पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था से जुड़ा होता है। ऐसे महत्वपूर्ण पद को अंतरिम या अस्थायी व्यवस्था के जरिए लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता। कोर्ट ने मुख्य सचिव से यह बताने को कहा है कि नियमित डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। सीमावर्ती राज्य में पुलिस का नियमित प्रमुख होना जरूरी पिटीशनकर्ता निखिल थम्मन की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब एक महत्वपूर्ण सीमावर्ती राज्य है। ऐसे में राज्य की पुलिस का नियमित प्रमुख होना जरूरी है। पिटीशन में कहा गया कि मौजूदा डीजीपी गौरव यादव को अंतरिम व्यवस्था के तहत जिम्मेदारी दी गई है। इसके बावजूद अभी तक नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई है। 3 अधिकारियों का पैनल भेज चुकी राज्य सरकार पिटीशनकर्ता के अनुसार, UPSC ने जुलाई में पंजाब के नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए 3 अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इसमें शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू और गौरव यादव के नाम शामिल हैं। इसकी पुष्टि जून-जुलाई 2026 की रिपोर्टों में भी हुई थी। करीब 4 साल से गौरव यादव कार्यवाहक DGP गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब के कार्यवाहक/ऑफिशिएटिंग डीजीपी के तौर पर काम कर रहे हैं। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, वह साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से इस पद पर कार्यवाहक व्यवस्था में थे। जून 2026 में UPSC ने नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए तीन अधिकारियों का पैनल तैयार किया था। इसमें शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू और गौरव यादव शामिल थे। पिटीशनकर्ता ने नियमित नियुक्ति की मांग की वकील निखिल थम्मन ने हाईकोर्ट में दलील दी कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में पुलिस प्रमुख का पद कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए इस पद पर नियमित नियुक्ति को लेकर लंबे समय तक स्थिति स्पष्ट नहीं रहनी चाहिए। पिटीशन में हाईकोर्ट से पंजाब में नियमित डीजीपी की नियुक्ति जल्द करने के निर्देश देने की मांग की गई है। अब हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से 10 दिन में जवाब मांगा है। वहीं, सरकार की ओर से बताया गया है कि इसी मुद्दे से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और वहां 8 अक्टूबर को सुनवाई होनी है।



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