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लाडपुरा पंचायत समिति के प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को चौथी बार प्रधान पद का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद गुड्डू ने इसे न्याय और लोकतंत्र की जीत बताया। गुड्डू ने कहा न्याय मिलने में देर हो सकती है, लेकिन अंधेर नहीं। उन्होंने कहा कि जनता ने चुनाव में अपना जनादेश दिया है और आगामी पंचायत चुनाव में भी जनता अपना फैसला सुनाएगी।
पदभार ग्रहण के दौरान कांग्रेस के देहात अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष आशु गंभीर, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुईजुद्दीन समेत बड़ी संख्या में लाडपुरा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं पार्षद गणों ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। नईमुद्दीन गुड्डू ने कहा पिछले करीब डेढ़ वर्ष में उन्हें कई बार निलंबित किया गया और न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद पदभार ग्रहण करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसे लेकर उन्होंने राज्य सरकार और पंचायत राज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 27 फरवरी 2025 को उन्हें नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा गया था, लेकिन उसी दिन करीब 29 सेकंड बाद निलंबन आदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद 20 मार्च 2025 को न्यायालय से स्थगन आदेश मिला। आगे की न्यायिक कार्यवाही में भी सरकार की चुनौती खारिज होने के बावजूद उन्हें पदभार ग्रहण करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। गुड्डू के अनुसार, 20 अगस्त 2025 को न्यायालय के निर्देश पर उन्हें पदभार ग्रहण कराया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद पुराने मामले को आधार बनाकर दोबारा निलंबन की कार्रवाई की गई। इसके खिलाफ उन्होंने फिर न्यायालय की शरण ली। 17 फरवरी 2026 को न्यायालय ने निलंबन आदेशों पर रोक लगाते हुए पदभार सौंपने के निर्देश दिए। 19 फरवरी को न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराने के बावजूद तत्काल पदभार नहीं दिया गया। गुड्डू ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
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लाडपुरा प्रधान नईमुद्दीन गुड्डू ने चौथी बार संभाला पदभार:हाईकोर्ट के आदेश के बाद लौटे कुर्सी पर, बोले- न्याय मिलने में देर हो सकती है, अंधेर नहीं
