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मध्य प्रदेश के छात्रावासों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में 7 साल से अधिक समय से जमे छात्रावास अधीक्षकों को हटाया जाएगा। जिन अधीक्षकों का 7 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनको दोबारा उसी या किसी अन्य छात्रावास में अधीक्षक पद पर पदस्थापना नहीं की जाएगी। जनजातीय कार्य विभाग लंबे समय से पदस्थ ऐसे अधीक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए अब नई पदस्थापना करने 5 से 7 अक्टूबर तक आवेदन बुलाए गए हैं। पोस्टिंग चाहने वालों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अधीक्षकों को यह आवेदन e-HRMS Portal पर स्थानांतरण के लिए अनिवार्य रूप से करने के लिए कहा गया है। आवेदक स्थानांतरण के लिए अधिकतम 15 पदस्थापना विकल्प दे सकेंगे। विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा है कि अधीक्षक का कार्यकाल सामान्यतः अधिकतम 3 वर्ष रखा है। संतोषजनक कार्य होने पर इसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। एक अधीक्षक के पास एक से अधिक संस्था का प्रभार नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में गलत जानकारी देने पर आवेदक और सत्यापन अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रोबेशनर को नहीं मिलेगा मौका विभाग ने कहा है कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग के स्थानांतरण परिवीक्षा अवधि में होने पर आवेदन मान्य नहीं होगा। जिला अधिकारियों को 5 से 7 अक्टूबर की अवधि में 7 वर्ष पूर्ण कर चुके अधीक्षकों के आवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए आदेश आयुक्त जनजातीय कार्य द्वारा जारी किया गया है। किन्हें मिलेगा आवेदन का मौका दूसरे चरण में खाली पदों पर होगी प्रक्रिया 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक दूसरे चरण में छात्रावास, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों के रिक्त अधीक्षक पदों के लिए विभागीय शिक्षण संस्थाओं में पदस्थ शिक्षकों से e-HRMS पोर्टल पर आवेदन लिए जाएंगे। रिक्त पदों की सूची भी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
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7 साल से जमे छात्रावास अधीक्षकों के होंगे तबादले:जनजातीय कार्य विभाग ने बदलाव का लिया फैसला, 5 से 7 अक्टूबर तक आवेदन
