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नॉर्दर्न रिज की 112 हेक्टेयर जमीन आरक्षित वन घोषित होगी:दिल्ली के हरित क्षेत्र और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में कदम




दिल्ली सरकार ने नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1927 की धारा 20 के तहत दी गई है। नॉर्दर्न रिज अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है और दिल्ली के महत्वपूर्ण हरित एवं पारिस्थितिक क्षेत्रों में शामिल है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नॉर्दर्न रिज दिल्ली की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। इसका संरक्षण शहर के पर्यावरणीय स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वन का कानूनी संरक्षण मिलने से क्षेत्र के दीर्घकालिक संरक्षण का आधार मजबूत होगा। सरकार का उद्देश्य दिल्ली के हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के साथ राजधानी को पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाना है। आरक्षित वन क्षेत्र 5,363 हेक्टेयर होगा सीएम के मुताबिक, पिछली सरकारों के दौरान 96.16 हेक्टेयर भूमि आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित की गई थी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 5,267.009 हेक्टेयर क्षेत्र अधिसूचित किया जा चुका है। नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि शामिल होने के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 5,363.169 हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले माह दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि को भी आरक्षित वन घोषित करने की मंजूरी दी गई थी। इस साल 73 लाख से ज्यादा पौधे लगाए सरकार के मुताबिक, इस वर्ष दिल्ली में 73 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और पौधारोपण जारी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और ‘वृक्ष रथ’ पहल के जरिए लोगों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रिज क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए चेक डैम और प्राकृतिक पुनर्जीवन के काम भी किए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को जलवायु और जैव विविधता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘इको-वॉरियर्स’ पहल से जोड़ा गया है। अगले चरण में सीमांकन और पर्यावास प्रबंधन सरकार के अनुसार, नॉर्दर्न रिज के संरक्षण के अगले चरण में क्षेत्र का सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और जनभागीदारी से जुड़े उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हरियाली और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन राजधानी के टिकाऊ भविष्य की आधारशिला हैं।



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