![]()
पठानकोट में शिवसेना हिंद कोर कमेटी के चेयरमैन रवि शर्मा के भाई जितेंद्र शर्मा (38) की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जितेंद्र शर्मा का कत्ल उसके साथ 9 साल से काम करने वाले सुशील शर्मा ने अपने सगे भाई हेमंत शर्मा के साथ मिल कर किया। कत्ल की वजह भी हैरान कर देने वाली है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुशील जितेंद्र से जलता था। जिसके चलते उसने एक महीने पहले ही हत्या की साजिश रचनी शुरु कर दी थी। बता दें, शिवसेना नेता रवि शर्मा ने जितेंद्र की मौत के दिन ही हत्या की आशंका जताई थी। जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया था। फिल्हाल, पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त बैट भी बरामद किया है। जिसके वार कर आरोपियों ने जितेंद्र को मौत के घाट उतारा। पुलिस का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की शामूलियत हो सकती है। इसलिए मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज बता दें, 28 सितंबर को जितेंद्र का शव घर के एक कमरे में मिला था। पुलिस ने इसे हादसा मान 174 आईपीसी की कार्रवाई की। लेकिन, रवि शर्मा के शक जताने पर मृतक का पोस्टमार्टम करवाया गया। इस दौरान, डॉक्टरों की रिपोर्ट से साफ हुआ कि जितेंद्र शर्मा की मौत गैर-कुदरती कारणों से हुई है और उन पर किसी हथियार से हमला किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पठानकोट पुलिस ने मृतक के भाई रवि शर्मा के बयानों के आधार पर थाना डिवीजन नंबर 2 में हत्या का मामला दर्ज किया। मामले के तुरंत खुलासे के लिए एसएचओ थाना 2 विजय कुमार और सीआईए इंचार्ज मनदीप की अगुवाई में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। 9 साल पुराने भरोसेमंद कर्मचारी ने ही रची थी साजिश पुलिस की बारीक जांच में मृतक की ‘एच.आर. शर्मा रिकवरी एजेंसी’ में काम करने वाले 32 वर्षीय सुशील शर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरा मामला सामने आ गया। रंजिश और एक महीने से प्लानिंग: आरोपी सुशील शर्मा पिछले करीब 9 सालों से जितेंद्र शर्मा की रिकवरी एजेंसी में काम कर रहा था। काम के दौरान छोटी-छोटी बातों, घरेलू कारणों और मन में रंजिश के चलते उसने करीब एक महीने पहले से ही जितेंद्र को मौत के घाट उतारने की योजना बनानी शुरू कर दी थी। घर में अकेला था जितेंद्र: भाई रवि शर्मा के मुताबिक शनिवार को वे किसी काम से गांव बुंगल गए हुए थे। जबकि जतिंदर शर्मा की पत्नी अपने मायके गई हुई थी। जतिंदर घर में अकेले थे। शाम करीब 3:55 बजे उनकी छोटी भाभी (मृतक की पत्नी) सोनाली शर्मा का उनको फोन आया। उन्होंने जानकारी दी कि जतिंदर बेडरूम में लहूलुहान पड़े हैं। भाई को साजिश में किया शामिल: इस हत्या को अंजाम देने के लिए आरोपी सुशील ने अपने भाई हेमंत शर्मा उर्फ हनी को भी अपने साथ मिला लिया। कॉफी और लिमका में दी नींद की गोलियां, फिर बैट से किया हमला घटना वाले दिन आरोपी पूरी तैयारी के साथ आया था। उसने डॉक्टर के पर्चे के जरिए मेडिकल स्टोर से खरीदी गई ‘ऐल्प्राजोलम’ की गोलियां पहले से रखी हुई थीं। नशीली गोलियां दीं: आरोपी ने पहले जितेंद्र शर्मा को कॉफी में नींद की गोलियां मिलाकर दीं। जब जितेंद्र को अस्वस्थ महसूस हुआ और उन्होंने कोई ठंडा पेय मांगा, तो आरोपियों ने ‘लिमका’ कोल्ड ड्रिंक में भी वही गोलियां मिलाकर उन्हें पिला दीं। बैट से वार और गला दबाया: दवा के असर से जब जितेंद्र अचेत अवस्था में चले गए, तो आरोपी सुशील शर्मा ने मौके पर पड़ा क्रिकेट बैट उठाकर सीधे उनके सिर पर दे मारा। मृतक का शारीरिक ढांचा मजबूत होने के कारण आरोपियों ने कोई जोखिम न लेते हुए बाद में उनका गला दबाकर हत्या पूरी तरह से सुनिश्चित कर दी। दोनों आरोपी गिरफ्तार, खून से सना बैट भी बरामद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों सुशील शर्मा और उसके भाई हेमंत शर्मा उर्फ हनी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया क्रिकेट बैट पुलिस ने बरामद कर लिया है। बैट पर लगे खून के धब्बों का मिलान मृतक के डीएनए/सैंपल से कराने के लिए फॉरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है। प्राथमिक जांच में किसी तरह के वित्तीय/रुपयों के लेन-देन का मामला सामने नहीं आया है, बल्कि आपसी मनमुटाव व रंजिश ही मुख्य वजह रही है। एसपी (डी) विशालजीत सिंह का कहना है कि मामले की गहन तफ्तीश जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर यदि इस हत्याकांड में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के मुताबिक सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Source link
पठानकोट में शिवसेना नेता के भाई की हत्या में खुलासा:कर्मचारी ने भाई के साथ मिलकर पहले नशीली कॉफी फिर कोल्डड्रिंक पिला किया बेहोश, सिर पर मारे बैट फिर गला दबाकर ली जान
