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कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में धान खरीद नहीं होने से नाराज किसान मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव करके धरने पर बैठ गए। कल शाम तक खरीद नहीं हुई तो परिसर में टेंट लगा दिया और किसान पूरी रात धरने पर बैठे रहे। इसे लेकर किसान आज कोई बड़ा फैसला लेंगे। आरोप लगाया कि खरीद सिर्फ कागजों चल रही, जबकि मंडी में किसान अपनी धान लेकर भटक रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय किसान यूनियन (BKU) चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सब किसानों को शाहाबाद में नेशनल हाईवे-44 के पास शहीद उधम सिंह स्मारक पर 5 अक्टूबर को इकट्ठा होने की कॉल दी है। तहसीलदार की बात पर भड़के किसान पिहोवा में कल किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और उन्हें समझाने की कोशिश की। बातचीत के दौरान तहसीलदार ने किसानों से कहा कि अगर वे किसान हैं तो सेलर वालों से उनका क्या मतलब है, उन्हें खरीद एजेंसी से बात करनी चाहिए। इस बात पर किसान भड़क गए। BKU पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने सरकार और डीसी से भी सवाल किया। सरकार, डीसी से कहे कि वे तहसीलदार से बात करें और ऐसा कोई सर्टिफिकेट या पहचान का इंतजाम करवाएं, जिससे यह पता चल सके कि कौन किसान है और कौन नहीं। इसके बाद किसानों ने मार्केट कमेटी में पक्का धरना लगा दिया। राइस मिलर मांग रहे धान पर कट- प्रिंस प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि मंडी के अंदर किसानों के धान की बेकदरी हो रही है। आरोप लगाया कि राइस मिलर अपनी मनमानी कर रहे हैं। राइस मिलर किसानों से धान पर कट की मांग कर रहे हैं। आरोप लगाया कि रेस्ट हाउस में कुछ किसानों को सिफारिश करके बुलाया गया था। वहां उनसे कहा गया कि वे कट पर सहमति दे दें। किसानों ने कट देने पर सहमति देने से साफ मना कर दिया। एक तरफ खरीद का संकट है और दूसरी तरफ किसानों पर कट के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा पिहोवा और इस्माइलाबाद के राइस मिलर जानबूझकर अपनी मिल का रजिस्ट्रेशन नहीं करवा रहे। 11 बजे किसानों को मंडी पहुंचने का आह्वान प्रिंस वड़ैच ने किसानों से आह्वान किया कि अगर कल खरीद करवानी है तो बड़ी संख्या में अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचें। कल सुबह 11 बजे किसानों की संख्या के हिसाब से यहां से कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि सब किसानों का धान MSP पर बिकवाया जाए और ज्यादा रिलीज ऑर्डर जारी करवाए जाएं। किसान पंजाब बेचने जा रहे अपनी धान खरीद ना होने से परेशान किसान धान बेचने के लिए पंजाब जा रहे थे। बाखली के किसान ने बताया कि वह चार ट्रॉली में धान भरकर पंजाब लेकर जा रहा है। करीब 7 दिन से उसकी फसल मंडी में पड़ी रही, लेकिन सरकार ने खरीद नहीं की। मजबूरी में उसे धान बेचने के लिए पंजाब जाना पड़ रहा है। चढूनी का दावा 7.59 लाख एकड़ नहीं हुआ वेरिफाई उधर, धान खरीद को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार और अधिकारियों पर सवाल उठाए। चढूनी ने दावा किया कि अभी तक 7 लाख 59 हजार एकड़ का पोर्टल वेरिफाई नहीं हुआ है। आरोप लगाया कि अधिकारियों ने जानबूझकर पोर्टल का वेरिफिकेशन नहीं किया, ताकि भ्रष्टाचार का रास्ता खुला रहे। 5 अक्टूबर को बड़ा आंदोलन करने का ऐलान चढूनी ने किसानों से 5 अक्टूबर को सुबह 10 बजे शहीद ऊधम सिंह स्मारक पर पहुंचने का आह्वान किया। चढूनी ने कहा कि इस बार किसान लठ लेकर पहुंचे। अगर किसानों पर लाठी चलाई गई तो वे भी पीछे नहीं हटेंगे। 22 सितंबर वाली जगह पर सभी किसान लठ लेकर इकट्ठा होंगे। उन लाठीचार्ज हुआ, तो बदले में हम भी लठ मारेंगे। कल मार्केट कमेटी कार्यालय में तालाबंदी की तैयारी दूसरी ओर, किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा हरियाणा ने कल 4 अक्टूबर को मार्केट कमेटी कार्यालयों में तालाबंदी करने का ऐलान किया।मांग रखी कि में धान खरीद पर लगी कैपिंग हटाई जाए। साथ ही किसानों को 20 किलोमीटर के दायरे में दूसरे जिले की मंडी में अपनी फसल बेचने की छूट दी जाए।
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कुरुक्षेत्र में धान खरीद ठप, कल तालाबंदी तो परसो आंदोलन:रातभर मार्केट कमेटी पर डटे किसान; मिलरों पर कट मांगने का आरोप, आज लेंगे बड़ा फैसला
