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मानसा में वर्ष 2023 में पल्लेदार मजदूरों के खिलाफ दर्ज किए गए एक मामले में पुलिस द्वारा तीन साल बाद अदालत में चालान पेश किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से पल्लेदार मजदूरों में भारी रोष व्याप्त हो गया है, जिसके बाद पंजाब प्रदेश पल्लेदार यूनियन ने सरकार के खिलाफ दोबारा संघर्ष शुरू करने की चेतावनी दी है। यह मामला मार्च 2023 का है। उस समय पल्लेदार यूनियन ने सीधी स्पेशल भरने का काम बंद करने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया था। यूनियन का तर्क था कि सीधी स्पेशल भरने से मजदूरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। प्रदर्शन के दौरान जब मजदूर अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर (DC) कार्यालय की ओर बढ़े और जिला कॉम्प्लेक्स का घेराव किया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बाद थाना सिटी-2 मानसा की पुलिस ने 14 पल्लेदार मजदूर नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया था। मजदूर नेताओं ने बताया ‘धक्केशाही’ अदालत में चालान पेश होने के बाद पल्लेदार मजदूर नेताओं—शिंदरपाल सिंह चकेरियां, जसवीर सिंह (डिपू प्रधान), करम सिंह ख्याला और भोला सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘धक्केशाही’ (तानाशाही) करार दिया। मजदूर नेताओं का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस न लिए गए, तो यूनियन एक बार फिर सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ अपना संघर्ष तेज करेगी।
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मानसा में 3 साल बाद मजदूर नेताओं पर चालान पेश:2023 के मामले में 14 नेताओं पर कार्रवाई, मजदूरों ने फिर संघर्ष की चेतावनी दी
