जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व मंत्री परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान बनाए जाने के बाद पार्टी में गुटबाजी फिर बढ़ने लगी है। पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के समर्थक खुलकर उनके पक्ष में उतर आए हैं।
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लुधियाना के नेता पवन दीवान ने सोशल मीडिया पर ‘आई एम विद वड़िंग’ का पोस्टर जारी किया है। वहीं, वड़िंग के करीबी माने जाने वाले यूथ कांग्रेस के कई नेता अब दिल्ली पहुंच रहे हैं। ये नेता नए प्रधान परगट सिंह और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात कर रहे हैं, ताकि नए नेतृत्व के साथ अपनी जगह बना सकें। संगरूर के यूथ कांग्रेस प्रधान शुभम शर्मा समेत कई जिला प्रधान भी पंजाब भवन पहुंचे और परगट सिंह को बधाई दी।
दूसरी ओर, राजा वड़िंग ने परगट सिंह को प्रधान बनने पर बधाई दी, लेकिन अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि चन्नी गुट जीत गया और वह हार गए। अब परगट सिंह के सामने वड़िंग के समर्थकों को साथ लेकर चलने के साथ संगठन में बदलाव करने की चुनौती होगी।
इसके अलावा, 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर भी सभी गुटों के बीच तालमेल बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में नए प्रधान के सामने पार्टी की गुटबाजी को संभालना आसान नहीं होगा।
प्रधान परगट सिंह आज यानी 4 अक्टूबर को पदभार संभालेंगे। इसके साथ ही वह पार्टी के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। जिसमें आगामी चुनाव और संगठन को लेकर चर्चा होगी।

दिल्ली में सचिन पायलट से मुलाकात करने पहुंचे पंजाब के कांग्रेस नेता।
परगट सिंह के आने से पंजाब कांग्रेस पर असर…
- नए प्रधान के कार्यभार संभालते संगठनात्मक फेरबदल का डर: राजा वड़िंग के अध्यक्ष रहते पंजाब के लगभग 25 से अधिक जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां उनके वफादारों के रूप में हुई थीं। नए अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह संगठन में बदलाव कर सकते हैं। इससे वड़िंग समर्थित पदाधिकारियों की कुर्सियों पर खतरा है। संगठनात्मक फेरबदल होता है, तो चन्नी गुट को तरजीह मिलने की संभावना ज्यादा है। इसके चलते यूथ कांग्रेस के ज्यादातर पंजाब पधाधिकारी दिल्ली में बैठ गए हैं। सभी नए प्रधान और प्रभारी से लगातार मुलाकातें कर रहे हैं।
- 2027 चुनाव टिकट बंटवारे में चन्नी गुट की ज्यादा चलेगी: वड़िंग खेमे के जिन नेताओं ने 2027 के विधानसभा चुनावों में टिकट मिलना लगभग तय मान लिया था, अब उन्हें अपनी दावेदारी नए सिरे से साबित करनी होगी। परगट सिंह के नेतृत्व में चन्नी और बाजवा समर्थित उम्मीदवारों को अब ज्यादा टिकटें मिलने की भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
- मालवा में राजा वड़िंग की नाराजगी दूर करना: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सबसे ज्यादा सीटों (69) वाले मालवा क्षेत्र से आते हैं। परगट सिंह को चन्नी और बाजवा के गुट के नेताओं का समर्थन है। हालांकि परगट सिंह ने पद मिलने के बाद कहा कि वह एक टीम लीडर के तौर पर काम करेंगे, लेकिन पूर्व प्रधान की नाराजगी दूर करना और सबसे बड़ी बेल्ट के नेताओं को साधने में उनकी परीक्षा होगी।

लुधियाना के नेता पवन दीवान ने सोशल मीडिया पर ‘आई एम विद वड़िंग’ का पोस्टर जारी किया।
3 पॉइंट से समझें गुटबाजी अभी भी बरकरार
- राजा वड़िंग बोले-हम जीतकर भी हार गए, उनको मुबारक हो: परगट सिंह को पंजाब का प्रधान बनाए जाने के बाद एक टीवी चैनल पर राजा वड़िंग ने कहा कि चन्नी गुट जीत गया है। हम जीतकर भी हार गए हैं। वड़िंग ने कहा कि पंजाबी में एक कहावत है कि फौज अति को हराकर हारी हैं। मैं उनको मुबारकबाद देना चाहता हूं। उनकी इच्छाएं पूरी हों, उमकी उम्र लंबी हो। आगे देखेंगे अब क्या होता है। राजा वड़िंग ने साफ कर दिया कि उनको फैसले ने निराश किया है। इस फैसले के बाद माझा-दोआबा की गुटबाजी तो कम होगी, लेकिन मामला में गुटबाजी बढ़ने के आसार हैं।
- यूथ कांग्रेस में राजा वड़िंग की मजबूत पकड़: राजा वड़िंग भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, जिसके कारण यूथ कांग्रेस में उनकी मजबूत पकड़ है। मालवा से ही पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान हैं। जिला अध्यक्ष भी राजा वड़िंग के लगाए गए हैं। ऐसे में राजा वड़िंग का गुट नाराजगी में कांग्रेस को 2027 में नुकसान पहुंचा सकता है। इसको साधने के लिए भी नए प्रधान को काम करने की चुनौती रहेगी।
- वड़िंग के साथ सहानुभूति की लहर: अध्यक्ष पद से हटने और परगट सिंह के आने के बाद राजा वड़िंग समर्थकों का एक धड़ा अंदरूनी तौर पर आक्रामक है। ऐसे में परगट सिंह के सामने पहली और सबसे बड़ी चुनौती राजा वड़िंग समर्थकों को हाशिए पर धकेलने के बजाय उन्हें साथ लेकर चलने की होगी। यूथ में आई एम विद वड़िंग जैसे कैंपेन भी चल रहे हैं।
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पंजाब कांग्रेस में प्रदेश प्रधान की नियुक्ति को लेकर आखिरी वक्त पर ऐसा सियासी उलटफेर हुआ कि सुबह तक अध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माने जा रहे पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला का नाम पीछे छूट गया और पूर्व हॉकी कैप्टन व जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को कमान सौंप दी गई। (पढ़ें पूरी खबर)
