Headlines

आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़ 6 मुकदमों का आरोपी गिरफ्तार:गिरोह बनाकर बकरी चोरी की घटनाओं को देता था अंजाम, दूसरा साथी मौके से फरार, तलाश में जुटी पुलिस




आजमगढ़ जिले के सिधारी थाने की पुलिस ने बकरी चोरी करने वाले गिरोह को एक सदस्य को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरा साथी मौके से फरार हो गया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद आसिफ पुत्र हसीब, निवासी अशरफपुर थाना जीयनपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, खोखा व जिंदा कारतूस, मिसफायर कारतूस, चोरी की बकरी बेचने से मिले 1,560 रुपये और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया गया है। चेकिंग के दौरान मिले इनपुट
इस बारे में क्षेत्राधिकारी शुभम तोदी ने बताया की सिधारी पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान शाहगढ़ चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी चोरी गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल से डेंटल कॉलेज इटौरा की ओर से समेंदा होते हुए शाहगढ़ की तरफ आ रहे हैं।
सूचना पर पुलिस टीम ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे बाइक गिर गई। इसके बाद चालक अपने साथी आसिफ को पुलिस पर गोली चलाने के लिए कहकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद उसने दोबारा फायर करने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी। घायल आसिफ को हिरासत में लेकर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। तीन बकरी चोरी की घटनाओं का खुलासा
पूछताछ में आसिफ ने अपने साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, उसने 29 सितंबर को सिधारी के दौलतपुर से दो बकरियां, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी और 16 सितंबर को जीयनपुर के बैरियाडिह से तीन बकरियां चोरी करने की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया है। समेंदा से चोरी की गई बकरी को बेचने के बाद मिले रुपयों में से 1,560 रुपये आसिफ के हिस्से में आए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया है। कलीम को गिरोह का सरगना बताया
पूछताछ में आसिफ ने कलीम पुत्र इस्लाम निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर को गिरोह का मुख्य व्यक्ति बताया। पुलिस के अनुसार कलीम अपने साथियों के साथ मिलकर आसपास के क्षेत्रों में बकरियों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। चोरी के दौरान निगरानी और आवागमन के लिए वाहन का इस्तेमाल किया जाता था। मुठभेड़ के दौरान कलीम मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। आसिफ पर छह और कलीम पर 38 मुकदमे
क्षेत्राधिकारी शुभम तोदी ने बताया कि आसिफ के खिलाफ विभिन्न थानों में कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं फरार कलीम के खिलाफ कुल 38 अभियोग पंजीकृत बताए गए हैं। इनमें चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे शामिल हैं।
मुठभेड़ स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। मौके से तमंचा, कारतूस, खोखा, मिसफायर कारतूस, रक्तरंजित और सादा कंक्रीट, अभियुक्त की चप्पल समेत अन्य साक्ष्य सुरक्षित किए गए। इस टीम में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह शामिल रहे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *