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लखनऊ में सभी प्रमुख स्थानों के अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी। सरकारी दफ्तर, अदालत, अस्पताल और बस अड्डों के आसपास सार्वजनिक रास्तों व फुटपाथों पर प्रशासन का बुलडोजर चलने वाला है। हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद नगर निगम लखनऊ जोन-1 ने अंतिम नोटिस जारी करके अतिक्रमणकारियों को 10 अक्टूबर तक कब्जा खुद ही हटाने का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय तक अवैध कब्जे नहीं हटाए गए, तो 11 अक्टूबर से जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी। 10 अक्टूबर तक छोड़े कब्जा यह पूरी कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका अनुराग सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में 10 सितंबर 2026 को आए आदेश के तहत की जा रही है। हाई कोर्ट ने आम जनता को आने-जाने में हो रही समस्याओं को देखते हुए सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश दिया था। इससे पहले नगर निगम ने कब्जाधारियों को 3 अक्टूबर तक का मौका दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी जब अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तो अब 10 अक्टूबर तक की अंतिम तारीख दी गई है। आसपास कई जगहों पर होगा एक्शन इस बड़े अभियान के दायरे में लखनऊ के कई अहम इलाके आएंगे। इसमें जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, पुराना हाईकोर्ट कैंपस, कलेक्ट्रेट लखनऊ, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, पुराना सदर तहसील कैंपस, उप निबंधन (रजिस्ट्री) कार्यालय, पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय, रेजिडेंसी पावर सब-स्टेशन, बलरामपुर अस्पताल, कैसरबाग बस स्टेशन, ट्रांसपोर्ट विभाग वर्कशॉप (तेहरी कोठी) और बीएसएनएल ऑफिस के पास बने कूड़ाघर के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। सामान न हटाने पर खुद जिम्मेदार नगर निगम जोन-1 के जोनल अधिकारी ने चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही कार्रवाई के दौरान यदि अतिक्रमण हटाने में किसी भी सामान या निर्माण का नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति की होगी। प्रशासन इसके लिए कोई मुआवजा या ढील नहीं देगा। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई की जा रही है।
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लखनऊ में 11 अक्टूबर को चलेगा बुलडोजर:ध्वस्त होंगे वकीलों के अवैध चैंबर,कलेक्ट्रेट, बलरामपुर अस्पताल समेत आसपास के इलाकों से हटेगा कब्जा
