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प्रयागराज में SRN से लौट रही महिला से गैंगरेप:ऑटो चालक ने सुनसान जगह ले जाकर 2 लोगों के साथ मिलकर की दरिंदगी




प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल से दवा लेकर लौट रही 32 साल की महिला के साथ गैंगरेप किया गया। एसआरएन अस्पताल से लौटते समय वह नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी थी। चालक ने उसे घूरपुर पहुंचाने का भरोसा दिया, लेकिन धोखे से उसे करछना में सुनसान स्थान पर ले गया। वहां दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उससे दरिंदगी की।
इसके बाद किसी से शिकायत पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। पीड़िता शिकायत लेकर घूरपुर, करछना और कीडगंज थाने पहुंची, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। चार दिन बाद 28 सितंबर को अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कीडगंज पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, हालांकि दो अन्य आरोपी अब भी हाथ नहीं आए हैं। अस्पताल से लौटते समय टैम्पो में बैठी थी
पीड़िता ने पुलिस को बताया, वह लालापुर की रहने वाली है और उसका पति नौकरी के सिलसिले में बाहर रहता है। वह 24 सितंबर को दवा लेने के लिए एसआरएन अस्पताल आई थी। वहां से लौटते समय नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी। रास्ते में उसने चालक से साफ कहा कि उसे घूरपुर जाना है। चालक ने भरोसा दिलाया कि वह उसे घूरपुर छोड़ देगा।
महिला का आरोप है कि इसी भरोसे पर वह टैम्पो में बैठी रही। इसके बाद चालक उसे घूरपुर ले जाने के बजाय करछना क्षेत्र में एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले से मौजूद दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ दुराचार किया गया।
शिकायत लेकर तीन थानों में पहुंची
घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया। उसके मुताबिक, वह कीडगंज के साथ ही घूरपुर और करछना थाने गई, लेकिन उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने 28 सितंबर को आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर FIR दर्ज कराने और मेडिकल कराने की मांग की।
प्रार्थना पत्र में उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि घटना के बाद वह लगातार दहशत में है। शिकायत के बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद अधिकारियों के स्तर से हस्तक्षेप किया गया और कीडगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश
सूत्रों का कहना है कि मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, घटना में शामिल बताए जा रहे दो अन्य आरोपियों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
हालांकि, एक आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है।
गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामले में कई सवाल बने हुए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी महिला के संपर्क में कैसे आया और घटना में शामिल अन्य दोनों आरोपियों से उसका क्या संबंध है। घटना के लिए पहले से कोई योजना बनाई गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी दिनेश सिंह से मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े सवालों पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि अभी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में कुछ नहीं बताया जा सकता।
चार दिन तक FIR क्यों नहीं
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल FIR दर्ज करने में हुई देरी को लेकर है। पीड़िता के अनुसार, घटना 24 सितंबर की है और वह घटना के बाद शिकायत लेकर अलग-अलग थानों में पहुंची थी। इसके बावजूद 28 सितंबर तक FIR दर्ज नहीं हुई।
सवाल यह है कि गंभीर यौन अपराध की शिकायत मिलने के बाद तत्काल मुकदमा क्यों दर्ज नहीं किया गया? पीड़िता को तीन थानों के चक्कर क्यों लगाने पड़े और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही FIR क्यों दर्ज हुई?
मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब, जब पुलिस ने बाद में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थाना प्रभारी पहले भी कार्रवाई को लेकर रहे हैं चर्चा में
कीडगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। करीब चार महीने पहले घूरपुर थाना क्षेत्र के सेंधुवार गांव में दो पक्षों के विवाद में पुलिस की कार्रवाई को लेकर शिकायत हुई थी।
बताया गया था कि विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों को थाने लाकर हिरासत में रखा गया था। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसीपी स्तर से जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने के बाद इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया था।



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