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अशोकनगर मुंगावली क्षेत्र के बरवाह गांव में एक निर्माणाधीन मकान से डीएपी खाद की 52 बोरियां मिलने के बाद प्रशासन ने उन्हें जब्त कर लिया। बोरियों पर लॉट नंबर अंकित नहीं था और पैकिंग वर्ष 2025 लिखा हुआ था। खाद प्रथम दृष्टया संदिग्ध लगने पर प्रशासन ने सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए ग्वालियर की लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। सूचना मिलने पर तहसीलदार कैलाशचंद्र मालवीय के नेतृत्व में प्रशासन की टीम देर शाम बरवाह गांव पहुंची। टीम ने बस्ती के पास स्थित निर्माणाधीन मकान के बारे में ग्रामीणों और कोटवार से जानकारी ली। मकान राजोबाई पत्नी फूल सिंह का बताया गया। टीम ने अंदर जाकर जांच की तो वहां डीएपी खाद की बोरियां रखी मिलीं।
बोरियों पर लॉट नंबर नहीं मिला कृषि विभाग की एसएडीओ के अनुसार, खाद की बोरियों पर लॉट नंबर अंकित नहीं था। पैकिंग वर्ष 2025 लिखा हुआ था। इन परिस्थितियों में खाद संदिग्ध लगने पर प्रशासन ने सभी 52 बोरियां जब्त कर लीं। इन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली से मुंगावली तहसील कार्यालय लाकर सुरक्षित रखवाया गया है। महिला ने बाद में बताए कुछ लोगों के नाम मकान मालिक महिला से खाद के बारे में पूछताछ की गई तो शुरुआत में उसने कोई जानकारी नहीं दी। बाद में उसने प्रशासन को बताया कि रतभानपुर गांव के किसी व्यक्ति ने उसके मकान में खाद रखी थी। महिला द्वारा बताए गए नामों के आधार पर प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है। तहसीलदार कैलाशचंद्र मालवीय ने बताया कि महिला ने कुछ लोगों के नाम बताए हैं। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस महिला के मकान से खाद की बोरियां मिली हैं, उसके पास खुद की जमीन नहीं है। फिलहाल प्रशासन ने खाद के सैंपल जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खाद नकली है या उसकी गुणवत्ता में कोई गड़बड़ी है।
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अशोकनगर में निर्माणाधीन मकान से 52 बोरी डीएपी मिली:बोरियों पर लॉट नंबर नहीं, प्रशासन ने किया जब्त; महिला ने दूसरे गांव के व्यक्ति पर लगाया आरोप
