कोटा में विजयादशमी यानी दशहरा पर रावण 360 डिग्री पर अपनी गर्दन घुमाता नजर आएगा। हाथ में तलवार लेकर चलाएगा, मूंछें हिलाएगा और आंखें भी झपकाएगा। जी हां, इस बार यहां दशहरा बेहद खास और रोमांचक होने जा रहा है।
.
हालांकि इस बार रावण के पुतले का आकार पिछले साल की तुलना में कम रहेगा। इस बार रावण 105 फीट से ज्यादा ऊंचा होगा और कुंभकर्ण-मेघनाद 70 फीट के होंगे। कारीगर खासतौर पर इनके निर्माण के लिए दिल्ली-एनसीआर से आए है।

रावण 105 फीट से ज्यादा ऊंचा रावण और 70 फीट के कुंभकर्ण-मेघनाथ रहेंगे।

इसमें 5 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। वहीं 500 बांस की खपच्चियां और ढांचा इस्तेमाल किया गया है।
रावण और कुंभकर्ण-मेघनाद के पुतले बनाने का काम शुरू
दशहरे को लेकर रावण और इसके कुनबे के निर्माण के लिए भव्य स्तर पर तैयारी चल रही है। इसमें 5 टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है। वहीं 500 बांस की खपच्चियां और ढांचा इस्तेमाल किया गया है।
1500 मीटर वेलवेट कपड़ा, 300 किलो सुतली और लगभग 2 क्विंटल मजबूत रस्सी का इस्तेमाल इनके कुनबे को बनाने के लिए किया गया है। वॉटरप्रूफ इम्पोर्टेड कागज और पुतले को चिपकाने के लिए मैदा से बनी 1-2 क्विंटल गोंद (लेई) का प्रयोग किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर से पुतले बनाने आए कारीगर
दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद निवासी आमिर खान इस भव्य रावण का निर्माण कर रहे हैं। आमिर ने बताया कि यह उनका खानदानी (दादा-परदादा के समय का) काम है। वे कोटा में साल 2019 से लगातार रावण बनाते आ रहे हैं।
हालांकि, पिछले साल विश्व रिकॉर्ड बनाने की योजना के चलते काम में गैप आ गया था, लेकिन इस बार पूरा रावण बनकर पूरी भव्यता के साथ दहन होगा।
पुतले के भीतर ही विशेष प्रकार की आतिशबाजी सेट की जा रही है। कारीगरों के अनुसार 10 से 11 तारीख तक रावण का पुतला पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।

पुतले के भीतर ही विशेष प्रकार की आतिशबाजी सेट की जा रही है। कारीगरों के अनुसार 10 से 11 तारीख तक रावण का पुतला पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा।
