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भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करीब 250 टन लोहा चोरी के मामले में पहली बार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारी का नाम आरोपी के तौर पर सामने आया है। सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर विपिन मलिक को सोमवार को भिलाई-3 स्थित कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। न्यायाधीश भानुप्रताप सिंह त्यागी की अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली। सीआईएसएफ की भूमिका भी जांच के दायरे में
बता दें कि इस पूरे लोहा चोरी के मामले में सीआईएसएफ की भूमिका भी जांच के दायरे में थी। जानकारी के अनुसार सीआईएसएफ ने लोहा चोरी का मामला सामने आने के बाद ही टीआई और अन्य जवानों को भी सस्पेंड किया था। इससे पहले भी विधायक रिकेश सेन द्वारा कहा गया था कि इस मामले में सीआईएसएफ की भूमिका भी जांच के दायरे में हैं। मामले में सीआईएसएफ के एसआई विपिन मलिक का नाम शुरुआती तौर पर नामजद आरोपियों की सूची में नहीं था। बाद की जांच में उन्हें आरोपी बनाए जाने के बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उनके खिलाफ उपलब्ध तथ्यों और आरोपों को लेकर अपनी दलीलें रखीं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत मंजूर कर दी।
बीएसपी अधिकारियों के बाद सीआईएसएफ का नाम भी शामिल
इस पूरे लोहा चोरी के प्रकरण में अब तक नेता, ट्रांसपोर्टर के साथ-साथ बीएसपी के अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा सीआईएसएफ का नाम भी जुड़ गया है। सीआईएसएफ अधिकारी को पुलिस ने इस मामले में आरोपी के तौर पर शामिल किया है। अग्रिम जमानत मिलने के बाद फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक रहेगी, लेकिन पुलिस की जांच आगे जारी है। पुलिस ने कर दिया है चालान पेश
इस लोहा चोरी के पूरे मामले में पुरानी भिलाई थाना की ओर से कोर्ट में करीब 900 पेज का चालान पेश किया गया है। पेश किए गए पहले चालान के मुताबिक मामले में 16 आरोपियों को शामिल किया गया था, जबकि 6 आरोपी फरार बताए गए थे। पुलिस ने इस मामले में रसमड़ा फ्रैक्ट्री के एमडी और डायरेक्टर विनोद गर्ग समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके अलावा इस मामले में अब तक मास्टरमाइंड संजय सिंह, एचटीसी के सुपरवाइजर अखिलेश तिवारी समेत अन्य लोगों के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं। एचटीसी सुपरवाइजर अखिलेश तिवारी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल की थी। पुलिस की कार्रवाई और बाद की जांच को मिलाकर इस केस में अब तक आरोपियों की संख्या 23 तक पहुंच चुकी है। मामले में पुलिस पहले ही चोरी के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर चुकी है। जांच में लगी सीबीआई, जुटा रही जानकारी
इस पूरे प्रकरण में अब सीबीआई एंट्री हो चुकी है। सीबीआई भिलाई में लोहा चोरी से जुड़े दस्तावेजों और ट्रांसपोर्टर, स्क्रैप कारोबारी समेत बीएसपी के अधिकारियों, सीआईएसएफ समेत अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटा रही है। जानकारी के मुताबिक सीबीआई ने केस से संबंधित केस डायरी भी अपने कब्जे में ले ली है।
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बीएसपी लोहा चोरी मामला:CISF के एसआई को अग्रिम जमानत, बीएसपी अधिकारी, उद्योगपति, नेता और एचटीसी के सुपरवाइजर समेत अब तक 23 आरोपी
