Headlines

हिमाचल बीजेपी SIR को लेकर कांग्रेस पर हमलावर:कश्यप बोले-पोस्टल बैलेट से भी हारी कांग्रेस; कहा-वोटर लिस्ट का सत्यापन जरूरी




भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय चुनावी हार की समीक्षा करनी चाहिए। कश्यप ने कहा कि कांग्रेस जिस चुनाव में जीतती है, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, लेकिन हार के बाद चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है और राजनीतिक दलों को जनादेश का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने हिमाचल में मई 2026 में हुए नगर निगम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए चार नगर निगम चुनावों में भाजपा ने मंडी, धर्मशाला और सोलन में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को पालमपुर में जीत मिली। कश्यप ने कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस को मिली हार का कारण भी चुनाव आयोग को नहीं बताया जा सकता। बैलेट पेपर से भी निकाय चुनाव हारी कांग्रेस: सुरेश कश्यप ने स्थानीय निकाय और जिला परिषद चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में कई जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ और वहां भी कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में EVM या चुनाव आयोग को लगातार निशाना बनाने से कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलता नहीं छिपा सकती। वोटर लिस्ट का सत्यापन निष्पक्ष चुनाव को जरूरी: कश्यप SIR को लेकर कश्यप ने कहा कि वोटर लिस्ट का सत्यापन और उसे अद्यतन रखना निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है। यदि कांग्रेस को किसी पात्र मतदाता के अधिकार को लेकर आपत्ति है तो उसे प्रमाण के साथ चुनाव आयोग के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर SIR को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। संवैधानिक संस्था पर सवाल उठाना गलत कश्यप ने कहा कि कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वह मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर लगातार राजनीतिक सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का भी उल्लेख किया। कश्यप ने कहा कि गिल दिसंबर 1996 से जून 2001 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे और बाद में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य बने तथा केंद्र में मंत्री भी रहे। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का भी जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास को भी देखना चाहिए। कश्यप ने कहा कि चुनाव में जीत को जनादेश और हार को चुनाव आयोग की गलती बताना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से जनता के फैसले का सम्मान करने और SIR को लेकर तथ्यों के आधार पर अपनी आपत्तियां रखने को कहा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *