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ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में भारतीय वायु सेना का ऐतिहासिक लड़ाकू विमान HAL नैट बदहाल स्थिति में खड़ा है। विमान पर घने मकड़जाल हैं और आसपास कचरा व सूखे पत्तों का ढेर लगा है। वायु सेना दिवस पर सामने आई तस्वीर में विमान की देखरेख पर सवाल उठ रहे हैं। HAL नैट भारत में तैयार किया गया सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान था। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इसने अमेरिकी सेबर जेट्स का मुकाबला किया था। बाद में इसे ‘सेबर विध्वंसक’ नाम मिला। लगभग तीन दशकों तक सेवा देने के बाद 1985 में इसे सेवानिवृत्त किया गया। 1956 में भारत में तैयार हुआ था नैट साल 1956 में भारत में सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान HAL नैट तैयार हुआ था। छोटा आकार, हल्का वजन और कम ऊंचाई पर तेजी से पैंतरे बदलने की क्षमता इसकी प्रमुख विशेषताएं थीं। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान के पास अमेरिका से मिले सेबर जेट्स थे। भारतीय वायु सेना ने नैट का इस्तेमाल कर इन विमानों का मुकाबला किया। इसके बाद नैट को ‘सेबर विध्वंसक’ नाम मिला। 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भी नैट का इस्तेमाल हुआ। करीब तीन दशकों तक देश की सीमाओं की रक्षा करने के बाद 1985 में इसे सेवानिवृत्त किया गया। बच्चों को इतिहास से जोड़ने के लिए लगाया था इस विमान को आने वाली पीढ़ियों तक इसका इतिहास पहुंचाने और बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करने के उद्देश्य से ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में स्थापित किया गया था। यहां आने वाले लोगों के लिए इसे भारतीय वायु सेना के इतिहास से जुड़ी निशानी के तौर पर रखा गया। वर्तमान में विमान पर घने मकड़जाल लगे हैं। इसके आसपास कचरा और सूखे पत्तों का ढेर भी दिखाई दे रहा है। वन्य प्राणी सप्ताह के आयोजन के दौरान भी नहीं हुई सफाई हाल ही में इसी चिड़ियाघर परिसर में वन्य प्राणी सप्ताह का आयोजन हुआ था। कार्यक्रम में नगर निगम के अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद था। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया गया था। इसके बावजूद परिसर में खड़े HAL नैट की सफाई और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। वायु सेना दिवस के मौके पर विमान की इस स्थिति ने इसके संरक्षण और देखरेख को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
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वायु सेना दिवस पर बदहाल दिखा 'सेबर विध्वंसक':ग्वालियर चिड़ियाघर में धूल फांक रहा ऐतिहासिक HAL नैट; कभी पाकिस्तान के छुड़ाए थे छक्के
