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करनाल में औंगद के पास स्थित शराब फैक्टरी में काम करने वाली महिलाओं ने ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार करने, समय पर वेतन नहीं देने और तय समय के बाद भी अतिरिक्त काम करवाने के आरोप लगाए हैं। परेशान महिलाएं गुरुवार को अपनी शिकायत लेकर करनाल के जिला सचिवालय पहुंचीं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। 12,333 रुपए बताई सैलरी, हाथ में मिलते हैं 7 से 10 हजार
जुंडला स्थित हरियाणा लीक्कर प्राइवेट लिमिटेड में काम करने वाली महिलाओं ने बताया कि उन्हें नौकरी के समय 12 हजार 333 रुपए मासिक वेतन बताया गया था, लेकिन पूरा महीना काम करने पर भी करीब 10 हजार रुपए ही मिलते हैं। जिनका पूरा महीना नहीं लग पाता, उन्हें 8 हजार या साढ़े 7 हजार रुपए तक दिए जाते हैं। उनका आरोप है कि वेतन भी समय पर नहीं मिलता और 20 या 22 तारीख तक भुगतान किया जाता है। 5 बजे छुट्टी के बाद भी करवाते हैं गत्ता ढुलवाने का काम
महिलाओं ने बताया कि उनकी छुट्टी का समय शाम 5 बजे है, लेकिन इसके बाद भी उनसे गत्ता ढुलवाने का काम करवाया जाता है। इस कारण वे करीब 6 बजे फैक्टरी से बाहर निकलती हैं और घर पहुंचते-पहुंचते साढ़े 7 बज जाते हैं। उनका कहना है कि पहले गेट पर ही हाजिरी लगती थी, लेकिन अब हाजिरी का जिम्मा ठेकेदारों को सौंप दिया गया है। छुट्टी लेने पर पूरे हफ्ते घर बैठाने का आरोप
महिलाओं के मुताबिक पहले रविवार की छुट्टी मिलती थी, लेकिन अब रविवार को भी काम करवाया जाता है। किसी महिला की मजबूरी के चलते छुट्टी हो जाए तो उसे पूरे सप्ताह घर बैठा देने का आरोप है। महिलाओं का यह भी कहना है कि आवाज उठाने पर फैक्टरी में प्रवेश बंद करने की धमकी दी जाती है। डीसी से मिलने पहुंचे कर्मचारी नेता
कर्मचारी नेता सुशील कुमार ने कहा कि देश आजाद हो चुका है, लेकिन फैक्टरियों में आज भी मजदूरों से गुलामों की तरह काम करवाया जा रहा है। महिलाओं पर बंदिशें लगाई जा रही हैं। आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने का प्रयास होता है। उन्होंने कहा कि वे केवल डीसी से मिलने नहीं आए हैं, बल्कि तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक कोई अधिकारी या फैक्टरी का प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आता।
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शराब फैक्टरी में काम करने वाली महिलांए का फुटा गुस्सा:ठेकेदारों पर दुर्व्यवहार और मनमानी का लगाया आरोप, डीसी से मिलने जिला सचिवालय पहुंचीं
