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नीमच में तीन पटवारियों की बर्खास्तगी पर पटवारी संघ ने मोर्चा खोला है। गुरुवार को पटवारी कलेक्ट्रेट गेट पर धरने पर बैठे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर बर्खास्तगी को तानाशाही बताया। पटवारी संघ जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह चुंडावत ने कहा, पटवारियों को बिना कारण हटाया गया है। संघ सीधे कलेक्टर से मिलकर कार्रवाई का कारण जानना चाहता है। एडीएम के बातचीत प्रस्ताव को ठुकराकर संघ ने कहा, चर्चा केवल कलेक्टर से और सभी पटवारियों के सामने होगी। पटवारियों का आरोप है कि स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री में उन्हें ‘निष्पादनकर्ता’ बनाया गया है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। योजना में तकनीकी दिक्कतें हैं, फिर भी काम का दबाव है। विरोध पर निलंबन-बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई हो रही है। जिले के सभी 240 पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे सरकारी काम ठप है। वे कलेक्ट्रेट गेट पर डटे रहे, कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की। प्रांतीय अध्यक्ष के आह्वान पर यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक तीनों पटवारियों की बर्खास्तगी वापस नहीं ली जाती और मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
गौरतलब है कि नीमच के अलावा देवास, गुना, आगर-मालवा और निवाड़ी सहित प्रदेश के कई जिलों में पटवारियों को सस्पेंड करने व सेवा समाप्ति के नोटिस देने के विरोध में पटवारी संघ ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
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नीमच में 3 पटवारियों की बर्खास्तगी पर पटवारी संघ भड़का:कलेक्ट्रेट गेट पर धरना, कलेक्टर से ही बातचीत की मांग; 240 पटवारी हड़ताल पर
