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हरदोई में बाढ़ का पानी-खेतों में भरने से फसलें जलमग्न,:अन्नदाता परेशान, किसान संगठन ने मुआवजे और मदद की मांग की




हरदोई जनपद में गंगा, रामगंगा, गर्रा, गोमती और सई नदी के उफान और बीते दिनों हुई बारिश के चलते हालात बेहद गंभीर हैं। जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी सीधे खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया है, जिससे किसानों की लहलहाती फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। पानी भरने के कारण गांवों की गलियों और रास्तों पर आवागमन ठप पड़ गया है। अन्नदाताओं की महीनों की मेहनत आंखों के सामने बर्बाद होने से किसानों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है और वे गहरी परेशानी में हैं। हर साल आने वाली बाढ़ अब क्षेत्र के लोगों और किसानों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसके चलते किसान बहुत ज्यादा परेशान हैं और उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जनपद की सवायजपुर, बिलग्राम, संडीला तहसील के तहत आने वाले क्षेत्रों में बाढ़ के पानी से हालात गंभीर हैं। वहीं भरावन और कछौना विकास खंड में गोमती नदी का प्रकोप विकराल रूप में सामने आया है। नदी का पानी सैकड़ों गांवों में घुस चुका है, जिससे हजारों लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भरावन के भटपुर के पास देवरी, कटका कला, कटका खुर्द, कूड़ा लक्ष्मणपुरवा, तुलसीपुर, सिकरी, धना खेड़ा, बंभुआ, महिठा, नगखेड़ा और मंदौली आदि गांवों में जलस्तर इतना बढ़ गया है कि लोगों को रास्ता तय करने में मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके अलावा बिलग्राम क्षेत्र के राइजिंग पुरवा, मक्कू पुरवा और चिरंजू पुरवा आदि में भी बाढ़ के पानी ने तबाही मचाई है, और कई जगहों पर सड़कें कट जाने से गांवों का संपर्क भी बाधित हो गया है। ​इस संकट की घड़ी में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष प्रगट सिंह ने प्रशासन से पुरजोर अपील की है कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर किसानों की ज्यादा से ज्यादा मदद की जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने किसानों की कमर तोड़ दी है और वे गहरी परेशानी में हैं, इसलिए उन्हें उचित आर्थिक सहायता मिलनी बेहद जरूरी है ताकि किसान अपनी बर्बाद हुई स्थिति से उबरकर फिर से अपनी खेती-किसानी सुगम तरीके से शुरू कर सकें।



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