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नूंह जिले के गांव नौसेरा में किसान जैकम की संदिग्ध मौत के मामले में करीब तीन महीने बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। मृतक के बेटे मौसम ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही और शिकायत बदलने के आरोप लगाए हैं। आईजी रेवाड़ी रेंज ओमप्रकाश नरवाल से शिकायत के बाद एसपी डॉ. अर्पित जैन के निर्देश पर 9 अक्टूबर को छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मृतक के बेटे मौसम के अनुसार, 9 जुलाई को उसके पिता खेत में सिंचाई कर रहे थे। इसी दौरान नहर की पाइपलाइन काटने को लेकर गांव के भज्जी, रोबिन, अकबर, इमरान, फकरुद्दीन और मुस्तकीम से विवाद हुआ। आरोप है कि विरोध करने पर जैकम को डराया-धमकाया गया। बाद में वह खेत की मेड़ के पास अचेत मिले और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। आरोपियों को हिरासत में लेकर छोड़ देने का आरोप मृतक के बेटे का आरोप है कि पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेने के बाद अगले दिन छोड़ दिया। उसने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने कोरे कागजों पर अंगूठे के निशान लेकर उसकी मूल शिकायत बदल दी। उसका कहना है कि न्याय के लिए उच्च अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने के बाद ही मामला दर्ज हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जैकम का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों के बोर्ड ने किया था और मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए विसरा जांच हेतु भेजा गया। थाना सदर नूंह में मुकदमा नंबर 336 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अब जांच में पुलिस पर लगे आरोपों और किसान की मौत की परिस्थितियों की सच्चाई सामने आना बाकी है।
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नूंह में तीन महीने बाद दर्ज हुई मर्डर की FIR:आईजी रेवाड़ी ने दिए आदेश, संदिग्ध परिस्थित में हुई थी किसान की मौत
