दुर्ग में नर्सिंग स्टाफ से 10.55 लाख की ठगी:सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर नकद और ऑनलाइन वसूले रुपये, FIR दर्ज




दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक नर्सिंग स्टाफ से 10 लाख 55 हजार 698 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सिकोला भाठा निवासी स्वेच्छा रानी (30) वर्ष 2022 में श्री शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत थीं। इसी दौरान उनकी पहचान अस्पताल में अटेंडर के पद पर काम करने वाले बिज्जू चंद्रा, निवासी दल्लीराजहरा (जिला बालोद) से हुई। सरकारी नौकरी का झांसा देकर लिए पैसे पीड़िता ने बताया कि बिज्जू चंद्रा ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल कचांदूर और जिला अस्पताल दुर्ग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसने अधिकारियों तक पहुंच होने का दावा किया और कई किश्तों में पैसे ले लिए। आरोपी ने पहले 4 लाख 72 हजार रुपये नकद लिए। इसके बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के नाम वाले अलग-अलग क्यूआर कोड और खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई। पीड़िता ने 5 लाख 83 हजार 698 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपी ने कुल 10 लाख 55 हजार 698 रुपये ले लिए। न नौकरी मिली, न पैसे लौटाए रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो सरकारी नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए। जब पीड़िता ने बार-बार संपर्क किया तो वह टालमटोल करता रहा। बाद में उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया। शिकायत के अनुसार दोबारा संपर्क करने पर आरोपी ने कहा, “जो करना है कर लो”, और धमकी देकर बात खत्म कर दी। शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला लगातार ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता ने 15 जुलाई को स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया। बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच जारी पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य पीड़ित या नए तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।



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