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राजधानी के बाजार में मिलते-जुलते ब्रांड नाम से बेसन बेचने का मामला सामने आया है। ‘सूर्यवंश’ ब्रांड की नकल कर ‘सूर्यवंशी’ नाम से उत्पाद बेचने के आरोप में माना कैंप पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता मनीष शादीजा ने आरोप लगाया है कि उत्पाद के नाम से लेकर पैकेट की डिजाइन, सूर्य के चिह्न और टैगलाइन तक की नकल की गई है। पुलिस ने 10 अक्टूबर को ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, मनीष शादीजा रामसागरपारा स्थित मनीष आटा चक्की के जरिए आटा, बेसन और फरसान से जुड़े उत्पादों का कारोबार करते हैं। उनका दावा है कि ‘सूर्यवंश’ ट्रेडमार्क वर्ष 2004 से पंजीकृत है और इसकी वैधता 21 जुलाई 2034 तक है। दो दशक से अधिक समय में ब्रांड ने बाजार में अपनी पहचान बनाई है। पैकेट देखकर भ्रमित हो सकते हैं ग्राहक शिकायतकर्ता का आरोप है कि मेसर्स एमएस सिंध बेसन के संचालक धीरज सचदेव और उनके परिजनों ने ‘सूर्यवंशी’ नाम से बेसन बेचना शुरू किया। पैकेट का रंग, सूर्य का चिह्न, उत्पाद की तस्वीर और ‘शहर गृहणियों की पहली पसंद’ जैसी टैगलाइन भी मिलती-जुलती रखी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इससे सामान्य ग्राहकों को दोनों उत्पादों में अंतर पहचानने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने इससे कारोबार और ब्रांड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की बात कही है। माना कैंप और तेलीबांधा में उत्पादन का आरोप शिकायत में उत्पाद के उत्पादन और भंडारण का संबंध माना कैंप स्थित डी-62, जय सदाराम मार्केट और तेलीबांधा क्षेत्र के रविग्राम से बताया गया है। पुलिस ने ट्रेडमार्क उल्लंघन के आरोपों की जांच के बाद केस दर्ज किया है। एफआईआर में आरोपियों के नाम को लेकर भी अंतर सामने आया है। प्राथमिकी में धीरज सचदेव और श्रीचंद सचदेव के नाम दर्ज हैं, जबकि शिकायत के विस्तृत विवरण में निर्मल सचदेव का उल्लेख है। मामलें में पुलिस अधिकारी जांच कर रहे है।
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रायपुर के बाजार में ग्राहकों को भ्रमित करने का खेल:'सूर्यवंश' ब्रांड बेसन की नकल कर 'सूर्यवंशी' बनाया, दो पर FIR दर्ज
