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पायलट-परगट के लिए वड़िंग बनेंगे चुनौती:कहा- मेरा नेता राहुल गांधी, उनसे समर्थकों की बात करके आया हूं; नए प्रधान बोले- चन्नी रणनीतिकार




पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नव नियुक्त प्रधान परगट सिंह व प्रभारी सचिन पायलट के लिए आगे की इनिंग आसान होने वाली नहीं है। परगट सिंह ने जहां अपनी टीम के एक-एक खिलाड़ी की ग्राउंड प्लेसमेंट बताई, वहीं सचिन पायलट ने परगट की टीम को बेस्ट टीम बताया। उधर, राजा वड़िंग ने परगट सिंह व सचिन पायलट के सामने पावर शो किया और उन्हें बता दिया कि उनकी सीधी पहुंच राहुल गांधी तक है। ताजपोशी समारोह में कांग्रेस की गुटबाजी एक बार फिर से सामने आई। राजा वड़िंग और चन्नी के बीच तनातनी कई बार देखने को मिली। नेताओं के एक दूसरे से मिलने की बात हो या फिर भाषण, सब में गुटबाजी साफ झलकती रही। परगट सिंह जब अपने खिलाड़ियों के नाम गिना रहे थे तो उन्होंने राजा वड़िंग का नाम नहीं लिया, जबकि राजा वड़िंग ने सभी को दरकिनार करते हुए कह दिया कि वो सिर्फ राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं। दोनों गुटों के एक दूसरे को दिए गए अहम मैसेज, जानिए… राजा वड़िंग का पावर शो: राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को ताजपोशी समारोह से पहले अपने पास बुलाया। करीब दो घंटे तक राजा वड़िंग ने उनके साथ बैठक की और उन्हें कहा कि वो डटकर कांग्रेस पार्टी के लिए काम करें। वो उनके लिए राहुल गांधी से बात करके आए हैं। राहुल गांधी से क्या बात हुई इसका खुलासा वो ताजपोशी समारोह के मंच से करेंगे। ताजपोशी समारोह से पहले राजा वड़िंग ने अपने समर्थक नेताओं को बुलाकर पावर शो किया और सचिन पायलट समेत विरोधी गुट को साफ कह दिया कि आज भी नेताओं का बड़ा गुट उनके साथ है और वो पार्टी में उनकी अनदेखी होने नहीं देंगे। सचिन पायलट समेत चन्नी को दिखाया आयना: राजा वड़िंग ने ताजपोशी समारोह में सचिन पायलट, चरणजीत सिंह चन्नी व प्रधान परगट सिंह को स्पष्ट मैसेज दे दिया कि ये सब मिलकर भी उनका और उनके समर्थकों का कुछ नहीं बिगाड़ सकते। राजा वड़िंग ने सचिन पायलट के सामने साफ कह दिया कि उनके नेता सिर्फ राहुल गांधी हैं और अपने समर्थकों की बात वो राहुल गांधी से करके आए हैं। वड़िंग ने ऐसा कहकर प्रधान, प्रभारी व अन्य नेताओं को साफ कर दिया कि उनके समर्थकों की अनदेखी करना उनके लिए आसान नहीं होगा। चन्नी गुट से खुद को अलग दिखाया: राजा वड़िंग के लिए ताजपोशी समारोह में मंच पर कुर्सी लगी थी। राजा वड़िंग जब मंच पर आए तो उन्होंने सिर्फ परगट सिंह व सचिन पायलट से हाथ मिलाया। ऐसा उन्होंने प्रोटोकॉल के तहत किया। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, विजय इंदर सिंगला समेत कई बड़े नेता मंच पर थे लेकिन राजा वड़िंग ने उनके साथ हाथ तक नहीं मिलाया औार उसके बाद मंच पर लगी कुर्सी पर नहीं बैठे। वो वहां से नीचे उतर कर कार्यकर्ताओं के साथ बैठ गए। अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला उन्हें मनाने गए लेकिन वो मंच पर चन्नी, सचिन पायलट व अन्य नेताओं के साथ बैठने को राजी नहीं हुए। ऐसा करके उन्होंने अपने समर्थकों को मैसेज दिया कि जो लोग उनके साथ मंच पर नहीं बैठना चाहते थे अब वो भी उनके साथ मंच पर नहीं बैठेंगे। परगट ने वड़िंग को खिलाड़ियों की सूची से बाहर रखा: परगट सिंह हॉकी कैप्टन के अंदाज में अपनी टीम के बारे में बता रहे थे तो उन्होंने सुखपाल खैहरा का नाम लेकर अपनी टीम के खिलाड़ियों की खूबियां बतानी शुरू की। परगट सिंह ने सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा, राणा केपी समेत अन्य नेताओं के नाम लिए। इसी बीच उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को टीम का ऐसा खिलाड़ी बताया जो कि रणनीति बनाकर जीत हासिल करता है। अपनी इस टीम में उन्होंने राजा वड़िंग का कहीं नाम नहीं लिया, जिससे साफ है कि परगट सिंह राजा वड़िंग को अपनी टीम से दूर ही रखना चाहते हैं। चन्नी ने खुद को दिखाया पावरफुल: चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने भाषण के दौरान राजा वड़िंग का नाम ही नहीं लिया। ऐसा चन्नी ने चंडीगढ़ में धरने के दौरान भी किया था। इस पर राजा वड़िंग ने अपने भाषण में जब चन्नी का नाम लिया तो यहां तक कहा कि कोई मेरा नाम ले या न ले मैं सब का नाम लूंगा। चन्नी ने वड़िंग का नाम न लेकर उन्हें यह मैसेज दिया कि उनकी वड़िंग से दूरी अब भी बरकरार है। कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन नियुक्त होने के बाद पहली बार चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद किया। चन्नी ने अब खुद को कंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन मान लिया है। सचिन ने परगट की टीम को बताया मजबूत: सचिन पायलट ने भी राजा वड़िंग को स्पष्ट मैसेज दे दिया कि परगट सिंह की टीम बेहद मजबूत है। इसमें बड़े-बड़े खिलाड़ी अपनी-अपनी भूमिका में रहेंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि परगट सिंह खुशनसीब कैप्टन हैं जिन्हें अच्छी टीम मिली। सचिन पायलट ने युवा नेताओं को कहा कि वो उन्हें पार्टी में निश्चित तौर पर प्रतिनिधित्व दिलाएंगे। ऐसा करना उनकी जिम्मेदारी है। ऐसा करके उन्होंने युवा नेताओं को मैसेज दिया कि अगर उन्हें प्रतिनिधित्व चाहिए तो उन्हें गुटबाजी से अलग होकर उनके साथ चलना होगा। अब पढ़िए क्या कहते हैं एक्सपर्ट… पॉलिटिकल एक्सपर्ट एवं सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि राजा वड़िंग का मंच की कुर्सियों को छोड़ कार्यकर्ताओं के बीच बैठना और परगट सिंह द्वारा अपनी ‘खिलाड़ियों की सूची’ से वड़िंग का नाम न लेना यह दर्शाता है कि पंजाब कांग्रेस का अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है। राजा वड़िंग का यह संदेश कि “मेरे नेता केवल राहुल गांधी हैं” सीधे तौर पर नए प्रदेश प्रधान परगट सिंह और प्रभारी सचिन पायलट के अधिकार को चुनौती देता है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट एवं सीनियर जर्नलिस्ट वैवस्वत वेंकट का कहना है कि यह स्थिति नए प्रभारी सचिन पायलट के लिए एक बड़ी परीक्षा है। राजा वड़िंग द्वारा सीधे राहुल गांधी तक अपनी पहुंच का हवाला देना यह साबित करता है कि प्रदेश स्तर के नेता केंद्रीय प्रभारी को दरकिनार करने से भी नहीं हिचक रहे। परगट सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी का एकजुट दिखना और वड़िंग का अलग-थलग पड़ना पंजाब कांग्रेस को दो स्पष्ट गुटों में बांटता है। सचिन पायलट यदि युवाओं को साधने और वड़िंग-चन्नी के बीच की खाई को पाटने में नाकाम रहते हैं, तो पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कमजोर साबित होगा। पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि सत्तारूढ़ AAP और विपक्षी दलों के खिलाफ एक मजबूती से मैदान में उतरने के बजाए कांग्रेस के शीर्ष नेता आपस में ही वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। चन्नी को ‘रणनीतिकार’ बताकर वड़िंग को दरकिनार करना यह दर्शाता है कि चुनावी रणनीति बनाने से ज्यादा ध्यान आंतरिक पावर गेम पर है। वड़िंग के साथ एक बड़ा धड़ा जुड़ा हुआ है, और यदि इस गुट की अनदेखी की गई तो चुनावी धरातल पर कार्यकर्ताओं में भीतरघात बढ़ने की संभावना बढ़ जाएगी। गुटबाजी से बिखरा हुआ यह संगठन विपक्षी दलों को पछाड़ने के बजाय खुद को संभालने में ही अपनी ऊर्जा और समय गंवा देगा, जिसका सीधा फायदा विरोधियों को मिलेगा।



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