![]()
हिमाचल प्रदेश में 25 अगस्त से शुरू होने वाली मणिमहेश यात्रा की ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में विश्व प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा-2026 को इस वर्ष अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रा 25 अगस्त से 19 सितंबर तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग की हाईटेक ड्रोन के मा
.
यात्रा के लिए हेली टैक्सी सेवा भी 25 अगस्त से शुरू हो जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 20 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, लंगर समितियों से 12 हजार रुपए पंजीकरण शुल्क और 25 हजार रुपए सुरक्षा राशि के रूप में लिए जाएंगे।
आपातकाल में तुरंत भेजा जाएगा बचाव दल
इस वर्ष पहली बार ड्रोन के जरिए यात्रा मार्ग पर भीड़ प्रबंधन, जाम की स्थिति, श्रद्धालुओं की परेशानियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ड्रोन से प्राप्त तत्काल जानकारी के आधार पर रेस्क्यू एवं राहत दल को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा, जिससे बचाव कार्यों में तेजी आएगी।
भरमौर प्रशासन ने यह भी बताया कि यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का सहयोग लिया जाएगा।
बेहतर कार्य करने पर स्वयंसेवी होंगे सम्मानित
उत्कृष्ट स्वच्छता कार्य करने वाले एनजीओ और स्वयंसेवी संगठनों को प्रशासन की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल मणिमहेश यात्रा के प्रति सामाजिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण संरक्षण इस वर्ष की यात्रा की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी विभागों के समन्वय से यात्रा को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
