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45 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा
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नवरात्रि में व्रत रखने वाले कई लोगों की एक कॉमन उम्मीद होती है कि 9 दिन कम खाने से वजन भी कम हो जाएगा। लेकिन हर साल बहुत से लोगों के साथ इसका उल्टा होता है। व्रत खत्म होने तक वजन घटने की बजाय बढ़ जाता है।
दरअसल समस्या व्रत में नहीं, बल्कि व्रत के दौरान की जाने वाली कुछ कॉमन गलतियों में छिपी होती है। कई लोग साबूदाना, आलू, कुट्टू, मूंगफली और व्रत स्पेशल स्नैक्स को हेल्दी मानकर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। वहीं कुछ लोग दिनभर भूखे रहते हैं और शाम को एक साथ भरपेट भोजन कर लेते हैं।
ऐसे में फास्टिंग वेट लॉस की बजाय अतिरिक्त कैलोरी लेने का जरिया बन सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्रत में क्या खा रहे हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि कितना, कब और किस तरह खा रहे हैं।
इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में व्रत की कॉमन गलतियों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- व्रत के दौरान थाली को कैसे संतुलित रखें?
- वजन घटाना चाहते हैं तो व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट- अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली
सवाल- क्या व्रत रखने से अपने-आप वजन कम हो जाता है?
जवाब- व्रत में लोग अक्सर सोचते हैं कि कम खाने से वजन अपने-आप कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- वजन तब घटता है, जब शरीर दिनभर में जितनी कैलोरी खर्च करता है, उससे कम कैलोरी लेता है।
- सिर्फ भोजन छोड़ देना या खाने के बीच लंबा गैप बना रखना वेट लॉस की गारंटी नहीं है।
- कई बार व्रत के शुरुआती दिनों में वजन थोड़ा कम दिखता है। लेकिन यह अक्सर शरीर में जमा पानी और ग्लाइकोजन कम होने की वजह से होता है।

सवाल- व्रत में वजन बढ़ने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- इसकी सबसे बड़ी वजह है ‘हेलो इफेक्ट’ है। यानी किसी चीज को सिर्फ इसलिए हेल्दी मान लेना, क्योंकि वह व्रत में खाया जाता है।
- लोग साबूदाना, मखाना, मूंगफली, कुट्टू या सिंघाड़े से बनी चीजों को बिना सोचे-समझे ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सामान्य खाने जितना नुकसान नहीं करेगा।
- व्रत की थाली में अक्सर कार्बोहाइड्रेट और फैट ज्यादा होते हैं, जबकि प्रोटीन और फाइबर कम होते हैं। इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा होती है।
- नतीजा यह होता है कि व्यक्ति दिनभर में अपनी जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले लेता है। इससे वजन घटने की बजाय बढ़ जाता है।

सवाल- व्रत में बार-बार भूख क्यों लगती है?
जवाब- इसे पाॅइंटर्स से समझिए-
- व्रत के दौरान भूख लगना सिर्फ पेट खाली होने का संकेत नहीं है। शरीर लगातार ऊर्जा की जरूरत के हिसाब से काम करता है।
- जब खाने के बीच का गैप सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है तो शरीर अगले मील के लिए ज्यादा मजबूत संकेत भेज सकता है।
- इसी वजह से कई लोगों को व्रत में भूख सामान्य दिनों से ज्यादा महसूस होती है।
- अगर रोज एक ही समय पर खाने की आदत हो तो शरीर उसी समय भूख के संकेत भेजता है, भले ही व्रत हो।
- कम नींद और तनाव भी भूख को बढ़ा सकते हैं।
- कई बार प्यास को भी लोग भूख समझ लेते हैं और खाने लगते हैं।
सवाल- व्रत में प्रोटीन की कमी वजन बढ़ाने की वजह कैसे बन सकती है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।
- इसकी कमी से भोजन के बाद तृप्ति कम समय तक रहती है।
- इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा बढ़ती है।
- दिनभर की छोटी-छोटी स्नैकिंग कुल कैलोरी इनटेक बढ़ा सकती है।
- इससे वजन बढ़ सकता है।
सवाल- क्या व्रत में आलू खाने से वजन बढ़ सकता है?
जवाब- हां, लेकिन इसकी वजह सिर्फ आलू नहीं, बल्कि उसकी कुकिंग है। इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- आलू में कार्बोहाइड्रेट, पोटेशियम और कुछ मात्रा में फाइबर होता है।
- उबला या कम तेल में बना आलू संतुलित मात्रा में खाने से अपने-आप वजन नहीं बढ़ता।
- समस्या तब शुरू होती है, जब आलू को व्रत की हर मील में शामिल किया जाता है।
- आलू की चिप्स, टिक्की, फ्राई या घी में भुना आलू ज्यादा कैलोरी देते हैं।
- आलू के साथ मूंगफली, घी, दही और दूसरी चीजें लेने से एक साधारण दिखने वाली व्रत की थाली की कैलोरी भी काफी बढ़ जाती है।
सवाल- क्या दिनभर भूखे रहने और रात में भरपेट खाने से वजन बढ़ सकता है?
जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-
- लंबे उपवास के बाद लोग अक्सर जल्दी-जल्दी खाते हैं और थाली में मौजूद खाने की मात्रा का अंदाजा नहीं लगा पाते।
- इससे भोजन संतुलित होने की बजाय भारी हो जाता है।
- पेट को ब्रेन तक तृप्ति (सटायटी) का मैसेज पहुंचाने में करीब 15-20 मिनट लग सकते हैं।
- अगर इस दौरान ज्यादा भोजन खा लिया जाए तो वजन बढ़ सकता है।
सवाल- व्रत में कौन-सी 5 गलतियां वजन बढ़ा देती हैं?
जवाब- व्रत के दौरान कुछ गलतियां वजन बढ़ा सकती हैं, जैसेकि-
दिनभर बहुत कम पानी पीना
- कई बार लोग प्यास को भूख समझ लेते हैं।
- इससे जरूरत न होने पर भी बार-बार कुछ-न-कुछ खाते रहते हैं।
फिजिकल एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर देना
- व्रत का मतलब पूरे दिन निष्क्रिय रहना नहीं है।
- कम एक्टिविटी होने पर शरीर कम कैलोरी खर्च करता है।
शाम को एक बार में ज्यादा खाना
- लंबे समय तक भूखे रहने के बाद खाने की मात्रा बढ़ सकती है।
- एक ही मील में जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेने के चांस बढ़ जाते हैं।
नींद पूरी न लेना
- कम नींद भूख और खाने की आदतों को प्रभावित कर सकती है।
- पर्याप्त नींद न मिलने पर अगले दिन ज्यादा खाने की संभावना बढ़ जाती है।
भोजन की मात्रा पर नजर न रखना
- व्रत के फूड्स भी कैलोरी देते हैं।
- इसलिए सिर्फ ‘व्रत वाला है’ सोचकर जरूरत से ज्यादा खाना सही नहीं है।
सवाल- क्या बाजार में मिलने वाले ‘व्रत स्पेशल’ स्नैक्स हेल्दी होते हैं?
जवाब- किसी पैकेट पर ‘व्रत स्पेशल’, ‘फास्टिंग फ्रेंडली’ या ‘सेंधा नमक से बना’ लिखा होना उसे हेल्दी नहीं बनाता। कई पैकेज्ड व्रत स्नैक्स में कैलोरी, फैट और नमक की मात्रा काफी ज्यादा हो सकती है। इसलिए इन्हें हेल्दी मानने से पहले न्यूट्रिशन लेबल पढ़ना जरूरी है।
सवाल- क्या व्रत में फल जितना चाहें उतना खा सकते हैं?
जवाब- नहीं, फल पोषक तत्वों, फाइबर और नेचुरल शुगर का अच्छा सोर्स हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इन्हें जरूरत से ज्यादा खाया जा सकता है। किसी भी फूड आइटम की तरह फलों की भी कैलोरी होती है और जरूरत से ज्यादा मात्रा में खाने पर कुल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है।
सवाल- क्या व्रत में बार-बार चाय पीना सही है?
जवाब- नहीं, इससे भी वजन बढ़ सकता है। इसे ऐसे समझिए-
- दिन में 4-5 कप चाय पीने पर चीनी और दूध से मिलने वाली कैलोरी जुड़ती रहती है।
- कई लोग चाय के साथ मखाना, मूंगफली, चिप्स या व्रत के नमकीन भी खाते हैं।
- बार-बार चाय पीने से असली भूख और सिर्फ कुछ खाने की इच्छा में फर्क करना मुश्किल हो सकता है।
- कुछ लोगों में ज्यादा कैफीन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है।
- प्यास या थकान को कई बार लोग चाय की जरूरत समझ लेते हैं। जबकि शरीर को पानी या आराम की जरूरत होती है।
सवाल- व्रत में कौन-से फूड वजन बढ़ने से बचा सकते हैं?
जवाब- वजन कंट्रोल रखने के लिए व्रत की थाली में ऐसे फूड आइटम्स शामिल करने चाहिए, जो सिर्फ एनर्जी नहीं, बल्कि प्रोटीन, फाइबर और फ्लूइड भी दें। इसमें क्या क्या शामिल कर सकते हैं, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- वजन घटाना चाहते हैं तो व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- इसके लिए कुल कैलोरी पर कंट्रोल करना जरूरी है। सभी जरूरी बातें ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या व्रत में सिर्फ फल खाकर पूरा दिन निकालना सही है?
जवाब- फल व्रत का अच्छा हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन पूरे दिन का भोजन सिर्फ फलों पर आधारित रखना हर किसी के लिए संतुलित विकल्प नहीं है। फल विटामिन, मिनरल्स और फाइबर देते हैं। लेकिन उनमें प्रोटीन और कुछ अन्य जरूरी पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं।
सवाल- क्या व्रत में पैक्ड फ्रूट जूस और मिल्कशेक सही विकल्प हैं?
जवाब- नहीं, पैक्ड फ्रूट जूस और बाजार में मिलने वाले कई मिल्कशेक हेल्दी दिखते जरूर हैं। लेकिन इनमें अतिरिक्त चीनी, फ्लेवर और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है।
सवाल- क्या व्रत खोलने का तरीका भी वजन पर असर डालता है?
जवाब- हां, लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद तेजी से और ज्यादा खाने पर भोजन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो सकती है।
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ग्राफिक्स- महेंद्र वर्मा
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आज से नवरात्रि शुरू हो रही है। कई लोग 9 दिनों का व्रत रखते हैं। इस दौरान रसोई में एक चीज की एंट्री लगभग तय होती है, वह है साबूदाना। व्रत रखने वाले लोग कभी खिचड़ी, कभी वड़ा तो कभी खीर के रूप में इसे बड़े चाव से खाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

