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पानीपत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार देर रात करीब 12 बजे गांधी मंडी स्थित एसएस जैन सभा के जैन स्थानक पहुंचे। यहां उन्होंने जैन मुनि डॉ. राजेश महाराज से मुलाकात कर अपने हाथों से उनका व्रत खुलवाया। मुख्यमंत्री के आने तक अन्न-जल त्यागने का संकल्प लेने वाले मुनि का अभिग्रह इससे पूरा हुआ। मुख्यमंत्री 9 अक्टूबर को निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे, जिसके बाद जैन समाज ने उन्हें पत्र लिखकर दोबारा आमंत्रित किया था। मुनि ने करीब 20 वर्षों में 2500 अभिग्रह पूरे करने का दावा किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के रद्द होने के बाद से मुनि उनके आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैन समाज की ओर से भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गुरुदेव का संकल्प पूरा कराने के लिए गांधी मंडी आने का आग्रह किया गया था। डॉ. राजेश महाराज ने संकल्प लिया था कि जब तक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं नहीं आएंगे, तब तक वे न पानी ग्रहण करेंगे और न ही व्रत खोलेंगे। अभिग्रह महोत्सव में शामिल होना था मुख्यमंत्री को 9 अक्टूबर को अभिग्रह महोत्सव में शामिल होना था, लेकिन ऐन मौके पर उनका कार्यक्रम रद्द हो गया था। इसके बाद मुनि ने अपना उपवास जारी रखा और मुख्यमंत्री के आगमन तक पारणा नहीं करने की बात कही। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री स्वयं जैन स्थानक पहुंचे और मुनि का व्रत खुलवाया। इस घटनाक्रम से उनके अभिग्रह के पूरा होने का रास्ता साफ हो गया। जैन सभा ने पत्र लिखकर किया था आमंत्रित मुख्यमंत्री के नहीं पहुंच पाने के बाद एसएस जैन सभा, गांधी मंडी की ओर से उन्हें पत्र लिखकर दोबारा आमंत्रित किया गया था। पत्र में बताया गया था कि डॉ. राजेश मुनि महाराज पानीपत में चातुर्मास के लिए विराजमान हैं और उनकी कठिन तपस्या से जैन समाज गौरवान्वित है। कार्यक्रम रद्द होने से अधूरा रह गया था संकल्प सभा की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, मुनि ने 8 अक्टूबर को अभिग्रह लिया था और 9 अक्टूबर को इसके पूर्ण होने पर पारणा निर्धारित था। मुख्यमंत्री के आगमन की सूचना के आधार पर उन्होंने उनके हाथों आहार ग्रहण कर संकल्प पूरा करने का निर्णय लिया था। कार्यक्रम रद्द होने के बाद यह संकल्प अधूरा रह गया था। 27 साल की उम्र में ली थी दीक्षा, 2500 अभिग्रह पूरे 52 वर्षीय डॉ. राजेश महाराज ने 27 वर्ष की उम्र में दीक्षा ली थी। उनके अनुसार, करीब 20 वर्षों में वे 2500 अभिग्रह पूरे कर चुके हैं। जैन धर्म में किसी विशेष उद्देश्य के लिए कठिन नियमों का पालन करते हुए संकल्प लेना अभिग्रह कहलाता है। मुनि के जीवन में तपस्या और साधना का विशेष महत्व रहा है। 3500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके डॉ. राजेश महाराज पांच विश्व रिकॉर्ड बना चुके होने का दावा भी करते हैं। उनके अनुसार, वे 3500 से अधिक पेंटिंग और ड्राइंग बना चुके हैं। इसके अलावा, पानीपत में 20,870 लोगों से नशामुक्ति के संकल्प पत्र भरवाने की जानकारी भी उन्होंने दी है।
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पानीपत पहुंचे CM सैनी, जैन मुनि का व्रत खुलवाया:9 अक्टूबर का कार्यक्रम रद्द, जैन मुनि ने जारी रखा उपवास; संकल्प हुआ पूरा
