![]()
सोशल मीडिया पर पेंशन कार्ड अपडेट करने और बनाने की जानकारी देखने के बाद देवास के 62 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी साइबर ठगों के जाल में फंस गए। ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद धीरे-धीरे उनसे पूरी जानकारी लेकर 6 लाख 3 हजार रुपए ठग लिए। देवास पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर करीब 1500 किलोमीटर दूर बिहार के कटिहार जिले से 21 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर की अलमारी से ठगी की रकम में से 5 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। एलआईसी से सेवानिवृत्त मनोहर लाल सिलोदिया (62) के साथ साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की थी। पेंशन कार्ड अपडेट करने की जानकारी के सिलसिले में सोशल मीडिया पर लिंक मिलने के बाद वे ठगों के संपर्क में आए। इसके बाद आरोपियों ने बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स में छूट दिलाने का भरोसा दिलाया। उनकी बातों में आकर फरियादी साइबर ठगी का शिकार हो गए और कुल 6.03 लाख रुपए गंवा बैठे। बैंकिंग ट्रांजेक्शन से मिला सुराग, कटिहार पहुंची पुलिस
ठगी का पता चलने पर मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर आरोपी की लोकेशन बिहार के कटिहार जिले में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर सचिन कुमार (21), निवासी खुदनारुपसपुर, थाना रौतारा, जिला कटिहार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर की अलमारी से 5 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। जामताड़ा के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ और जांच में साइबर ठगी के गिरोह के मुख्य सरगनाओं का संबंध झारखंड के जामताड़ा से सामने आया है। पुलिस अब गिरोह में शामिल अन्य लोगों, ठगी की शेष राशि और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
ई-जीरो एफआईआर में अब तक 26 आरोपी गिरफ्तार
देवास पुलिस के अनुसार, ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था के तहत जिले में अब तक 130 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 98.52 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। वहीं, ऑपरेशन साइबर के तहत 1 नवंबर 2024 से अब तक साइबर ठगी के मामलों में 3.89 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस कराई गई है। इसके अलावा विभिन्न शिकायतों में 5.27 करोड़ रुपए से अधिक की राशि होल्ड कराई गई है, जिसे वैधानिक प्रक्रिया के बाद संबंधित आवेदकों को लौटाया जाएगा।
Source link
