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BJP Vs Jantar Mantar Protest Crackdown; CJP Rahul Gandhi Congress


‘कांग्रेस अपनी हार की खीझ SIR पर निकाल रही है’

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बीजेपी ने शुरुआत में इसी लॉजिक से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मुहिम को काउंटर किया। अब राहुल गांधी पर अराजकता फैलाने और विदेशी साजिश के आरोप लगा रही है। इस बीच दिल्ली में करीब 38 हजार जवानों की तैनाती की गई, सख्त बैरिकेडिंग और डिटेंशन किए गए, जंतर-मंतर से धरना-स्थल का दर्जा भी छीन लिया गया।

आखिर कैसी रही है बीजेपी की काउंटर स्ट्रैटेजी, अब आगे क्या होगा; डिकोड करेंगे आज के एक्सप्लेनर में…

5 अक्टूबरः आरोपों को खारिज किया, चुनाव आयोग वाली लाइन पकड़ी

इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद बीजेपी ने वोट चोरी, फॉर्म-6 में बदलाव, मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमर्जी जैसे सभी आरोप खारिज किए। चुनाव आयोग की प्रेस रिलीज का बार-बार हवाला दिया। बीजेपी एक तरह से डिफेंसिव मोड में दिखी।

5 अक्टूबर को बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी ने जनता को गुमराह किया है। फॉर्म-6 गैर-कानूनी नहीं है और चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति से हुए हैं।

बीजेपी ने नैरिटिव बनाया कि कांग्रेस चुनाव नहीं जीत पा रही, इसलिए SIR में गड़बड़ी की बात कह रही। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘1967 के बाद से तमिलनाडु में कांग्रेस सत्ता में नहीं लौटी। तब भारतीय जनता पार्टी का नाम तक नहीं था। बंगाल में 1977 के बाद से, बिहार में 1990 के बाद से, उत्तर प्रदेश में 1989 के बाद से और ओडिशा में 1999 के बाद से कांग्रेस सरकार नहीं है।’

6 अक्टूबर: कांग्रेस पर अराजकता और झूठ फैलाने के आरोप

6 अक्टूबर को राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ चुनाव आयोग की तरफ मार्च निकाला। डिटेन की कोशिश हुई, तो आकाशवाणी भवन घुस गए। 8 घंटे के ड्रामे के बाद जबरन हिरासत में लिए गए।

इस बीच बीजेपी एग्रेसिव दिखी और 6 घंटे में 3 प्रेस कॉन्फ्रेंस किए। बीजेपी ने X पर लिखा, ‘दिल्ली के सबसे संवेदनशील इलाके में बैठकर राहुल गांधी जो कर रहे हैं, वह सरासर अराजकता है।’

सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘राहुल गांधी दिनभर कहते रहे कि चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया जा रहा। जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस या इंडी गठबंधन की ओर से मुलाकात की कोई रिक्वेस्ट नहीं मिली थी।’

9 अक्टूबरः विदेशी फंडिंग राजनीति और AAP-CJP गठजोड़ के आरोप

विपक्षी नेता 7 और 8 अक्टूबर को भी सड़कों पर उतरे। 9 अक्टूबर को बीजेपी के नेशनल मीडिया को-कन्वेयर सिद्धार्थ यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, ‘राहुल गांधी की राजनीति विदेश के भरोसे चल रही है। कभी लंदन, कभी अमेरिका जाकर कहना कि भारत के लोकतंत्र की शिकायत होनी चाहिए।’

बीजेपी ने X हैंडल पर यह फोटो शेयर कर लिखा, ‘मिलिए 2026 के मीर जाफर से, जो विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को कमजोर करने की कोशिश में लगा है।’

बीजेपी ने X हैंडल पर यह फोटो शेयर कर लिखा, ‘मिलिए 2026 के मीर जाफर से, जो विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को कमजोर करने की कोशिश में लगा है।’

इस बीच 10 अक्टूबर को CJP ने भी प्रोटेस्ट बुलाया था, लेकिन अभिजीत दीपके और तमाम लीडर्स को पहले ही डिटेन कर लिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कॉकरोच जनता पार्टी को आम आदमी पार्टी के लिए शेडो बॉक्सिंग करने वाला बताया।

12 अक्टूबरः राहुल गांधी के कोहनी मारने और कॉलर पकड़ने के वीडियो

बीजेपी के ज्यादातर पोस्ट अब राहुल गांधी केंद्रित हो गए। बीजेपी ने एक वीडियो शेयर कर लिखा, ‘कभी ऐसा नेता प्रतिपक्ष देखा है क्या… जो महिला पुलिस के साथ गलत हरकत करता हो। जो अपने ही कार्यकर्ताओं को कोहनी मारता और धकेलता हो। जो एक पत्रकार को धकेलता हो।’

बीजेपी ने राहुल गांधी का वीडियो शेयर कर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है।

बीजेपी ने राहुल गांधी का वीडियो शेयर कर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च का वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी ने दावा किया कि राहुल कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कॉलर से पकड़कर पीछे कर रहे हैं।

बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘राहुल गांधी सिटिंग सीएम के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं।’

बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘राहुल गांधी सिटिंग सीएम के साथ ऐसा व्यवहार करते हैं।’

तीन बड़े कदम उठाए गए…

1. प्रोटेस्ट बढ़ने से पहले ही डिटेंशन

प्रशासन ने सख्त बैरिकेडिंग और डिटेंशन की पॉलिसी अपनाई। 6 और 7 अक्टूबर को मार्च कर रहे इंडिया गठबंधन के सांसदों को हिरासत में लिया गया। 10 अक्टूबर को CJP ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट का ऐलान किया, तो उनके लीडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को फ्लाइट से ही डिटेन कर लिया। जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी डिटेन किया था।

दिल्ली पुलिस CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को भी डिटेन किया था।

2. 38 हजार जवानों से छावनी बनी दिल्ली

10 अक्टूबर को CJP प्रोटेस्ट के मद्देनजर 38 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए। 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली ट्रेनें रद्द कर दी गईं।

3. जंतर-मंतर से धरना-स्थल का दर्जा हटाया

जंतर-मंतर को धरना स्थलों की लिस्ट से ही हटा दिया गया। गृह मंत्रालय की बनाई कमेटी की सिफारिश पर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड प्रदर्शन स्थल बने हैं। रामलीला मैदान संसद से 4 किमी दूर है। इसकी बुकिंग फीस 1.21 लाख प्रति दिन है। मैदान इस साल सिर्फ 29, 30 और 31 दिसंबर को खाली है। बुराड़ी ग्राउंड संसद से 14 किमी, तो CBD ग्राउंड 12 किमी दूर है।

इसके अलावा जिन राज्यों में SIR हो चुका है, वहां के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) एक्टिव हो गए। 12 अक्टूबर को दिल्ली के CEO ने बताया कि वोटर लिस्ट में 33 लाख नामों में तकनीकी गलतियां थीं, जिसमें से 20 लाख मामले सुलझ गए। पश्चिम बंगाल में 24 उप निर्वाचन अधिकारी समस्याओं के निपटारे के लिए तैनात किए हैं। बिहार के CEO ने बताया कि उनके 38 जिला निर्वाचन अधिकारी इस काम में जुटे हैं।

पीएम मोदी या गृहमंत्री अमित शाह ने सीधे इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया…

  • 2 अक्टूबर को CJP मुंबई में प्रोटेस्ट कर रही थी, पीएम मोदी FlyDubai की फ्लाइट क्रैश होने से बचाने वाले कैप्टन स्मित मर्चेंट से बात कर रहे थे।
  • 6 अक्टूबर को कांग्रेस के इलेक्शन कमीशन मार्च वाले दिन पीएम मोदी स्विट्जरलैंड में थे।
  • 7 अक्टूबर को विपक्षी दल जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे, तो बीजेपी पीएम मोदी की ‘सेवा के 25 साल’ कार्यक्रम करवा रही थी।
  • 11 अक्टूबर को पीएम मोदी तमिलनाडु दौरे पर गए। उन्होंने चेन्नई मेट्रो के दूसरे फेज का उद्घाटन किया और 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाएं लॉन्च की।
गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ गुरुग्राम में ‘विकसित भारत संकल्प सभा- सेवा ज्योति यात्रा’ की मशाल जलाई। यह ‘सेवा के 25 साल ’ कार्यक्रम का हिस्सा था।

गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ गुरुग्राम में ‘विकसित भारत संकल्प सभा- सेवा ज्योति यात्रा’ की मशाल जलाई। यह ‘सेवा के 25 साल ’ कार्यक्रम का हिस्सा था।

वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी कहते हैं, ‘इस मुद्दे पर सरकार पूरे समय दबाव में दिखी और कारगर रणनीति नहीं अपना पाई। सही क्रैकडाउन वह होता, जिसमें लोगों को विश्वास दिला पाते कि विपक्ष जो कह रहा है वो सही नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।’

वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवाई के मुताबिक, ‘बीजेपी ने प्रोटेस्ट को कंट्रोल करने के दौरान कई बार स्ट्रैटजी बदली। 2014 के बाद से पहली बार लगा कि बीजेपी नरेटिव नहीं सेट कर पा रही। हालांकि कांग्रेस का प्रोटेस्ट सफल हुआ या बीजेपी की काउंटर स्ट्रैटेजी, ये आगे उत्तर प्रदेश-पंजाब और बाकी राज्यों के चुनाव नतीजों से साफ होगा।’

वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक, ‘बीजेपी ने राहुल गांधी के हर एक्शन और नैरेटिव का काउंटर नैरेटिव दिया। वहीं, CJP को पिछली बार की तरह कमजोर समझने की गलती नहीं की और पहले ही रोक लिया।’

अब आगे क्या होगा?

दिल्ली पुलिस की हिरासत के बाद भी AISA और SFI जैसे छात्र संगठन कहीं-न-कहीं प्रोटेस्ट करते हैं। CJP भी देशभर में प्रोटेस्ट करने वाली है। कांग्रेस ने अगले 3 महीने प्रोटेस्ट का प्लान बनाया है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली होगी। 26 नवंबर को ‘चलो दिल्ली’ मार्च होगा।

राजनीतिक लेखक और पत्रकार स्निग्धेंदु भट्टाचार्य के मुताबिक, ‘सरकार के लिए स्थिति से निकलना आसान नहीं है। CEC ज्ञानेश कुमार को सरकार ने ही नियुक्त किया है। सरकार पीछे हट गई तो विपक्ष को अगली बार और बड़ी मांग करने का हौसला मिल सकता है।’

वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल के मुताबिक, ‘सरकार ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं करा सकती। विपक्ष इस्तीफे के बगैर मानने को तैयार नहीं है। तो क्या सोच समझकर सुप्रीम कोर्ट के पाले में गेंद डाली गई है? सुप्रीम कोर्ट ने अगर जांच समिति ही बना दी, तो नैतिकता के आधार पर ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ जाएगा।’

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ये एक्सप्लेनर भी पढ़िए…

राहुल ने जिसके कंधे पर हाथ रखकर मार्च किया, वो नेहा बोरा कौन हैं; कैसे प्रोटेस्ट का चेहरा बनीं

11 अक्टूबर, दोपहर करीब एक बजे। AISA प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन का ऐलान किया। सुरक्षाकर्मी दौड़ पड़े। सवा दो बजे तक वहां माहौल गरमा चुका था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया।तभी भीड़ के बीच एक युवती दिखी। नेहा बोरा जैसा गेट-अप। गले में स्टॉल, आंखों पर गोल काले फ्रेम का चश्मा और चेहरे पर मास्क। पूरी खबर पढ़िए…



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