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पुणे की महिला श्रद्धालु से 2 करोड़ 80 लाख की ठगी के मामले की जांच तेज हो गई है।हालांकि पीड़िता के कम पढ़े लिख होने से पुलिस को जांच में परेशानी आ रही है।इस बीच पीड़िता ने आज थाना रामजन्मभूमि पुलिस को अपना लिखित बयान दर्ज कराया है। इसके बाद वह वापस पुणे लौट गई है। थानाध्यक्ष रामजन्मभूमि सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़ित महिला ने बयान दर्ज करा दिया है।अब इस मामले की जांच के लिए पुलिस साक्ष्य संकलन में जुट गई है। अब इस मामले में साक्ष्य संकलन के लिए थाना रामजन्मभभूमि पुलिस की टीम पुणे जाएगी।पीड़िता के एक पुत्र फिल्म निर्माण कंपनी का निदेशक बताया जाता है।जबकि उसके एक पुत्र और पति की मौत हो चुकी है। पुलिस के अनुसार पीड़िता से हनुमानगढ़ी में पूजा कराने और उससे जीवन की समस्याओं को दूर करने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया गया है।अब इसकी जांच की जा रही है। बताते चले कि पूजा-पाठ से घर की समस्याएं दूर कराने का भरोसा देकर पुणे की एक महिला से करीब 2.80 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।बार-बार धन न देने पर महिला श्रद्धालु को मृत्यु का भय दिखाकर उसके साथ ठगी की जाती रही। मामला हनुमानगढ़ी की बसंतिया पट्टी से जुड़ा हुआ है।इस पट्टी क साकेतवासी संत सुदर दास महाराज के यहां विवेकानंद दास करीब 8 साल से साधु बनकर रह रहा है।विवेकानंद खुद को सुंदर दास का चेला और हनुमानगढ़ी का संत बताकर ठगी कर रहा था। इस मामले में एक अन्य आरोपी रत्नाकर दास भी हनुमानगढ़ी की हरिद्वारी पट्टी का खुद को संत बताता रहा है। सूत्रों का यह भी कहना कि उसने ठगी की रकम का कोई हिस्सा हनुमान मंदिर के पिलर में नहीं लगाया है।ऐसा वह केवल खुद को बचाने के लिए कह रहा है। जब महिला का काम नहीं हुआ और उसने धन वापस मांगा तो बताया कि हनुमान मंदिर के पिलर और अनाथ बच्चियों की शादी में धन खर्च कर दिया गया।सभी आरोपी हनुमानगढ़ी के पीछे रहने वाले बताए जा रहे हैं।इन ठगों ने महिला से अनुष्ठान के नाम पर न केवल अयोध्या में एक होटल में बुलाकर धन लिया बल्कि ठगी के जरिए रकम की वूसली के लिए पुणे तक पहुंच गए। पुणे निवासी महिला श्रद्धालु लक्ष्मी कामा ने विवेकानंद महाराज, उनके चेले सूरज और चालक रत्नाकर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार महिला जमीन से संबंधित समस्या को लेकर परेशान थीं। टीवी चैनल पर विवेकानंद महाराज को पूजा-पाठ से बाधाएं दूर करने की बात कहते देखा। संपर्क करने पर उन्हें अयोध्या बुलाया गया और 20 से 25 लाख रुपये लाने को कहा गया। महिला के मुताबिक वह 20 लाख रुपये और 500 ग्राम चांदी का मुकुट लेकर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर विवेकानंद, सूरज और रत्नाकर मिले और उन्हें होटल ले गए। महिला के मुताबिक बाद में 20 लाख, 25 लाख और दो लाख रुपये यात्रा खर्च के नाम पर लिए। अयोध्या में 10 लाख और देने का आरोप है। आरोपियों ने अलग-अलग समय पर उससे करीब दो करोड़ नकद और करीब 80 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर, यानी कुल करीब 2.80 करोड़ रुपये लिए। महिला का आरोप है कि रकम मांगने पर पूजा अधूरी रहने और मनोकामना पूरी न होने की बात कहकर दबाव बनाया गया। बाद में मृत्यु का भय दिखाकर भी रकम लेने का आरोप लगाया गया है।
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करोड़ों की ठगी में जांच के लिए पुणे जाएगी पुलिस:पीड़ित महिला ने आरजेबी थाना में दर्ज कराया बयान, कहा-पूजा के नाम पर की गई ठगी
