हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में शामिल सोनीपत के सुमित (24) और मोहित (22) की सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर में मौत हो गई। परिवारों के मुताबिक, सुमित और मोहित की जान-पहचान करीब तीन महीने पहले ही हुई थी। इसके बाद दोनों की नजदीकी
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मोहित की मां ममता का कहना है कि उसका बेटा अपराध की दुनिया से निकलकर शादी कर घर बसाना चाहता था। वहीं सुमित के पिता धर्मपाल ने बताया कि 25 अगस्त को सुमित मोहित के साथ घर आया था। दोनों नए कपड़े लेकर आए थे। सुमित कपड़े बदलकर घर से निकला और जाते समय पिता से कहा- “पापा, मैं मजबूर हूं।”
धर्मपाल के मुताबिक, अगले दिन अंकित बालियान की हत्या का वीडियो सामने आया। बेटी ने देखा कि गोली चलाने वाला सुमित है। उसे कपड़ों से पहचान लिया। इसके बाद परिवार को सुमित के हत्याकांड में शामिल होने का शक हुआ।
उधर, आज मंगलवार को दोनों आरोपियों के शवों को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई।


मंगलवारक को दोनों आरोपियों मोहित और सुमित का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
मोहित की मां बोली- माहौल से निकलकर शादी करने की कहता था
बैयांपुर खुर्द निवासी मोहित के परिवार में उसकी मां, छोटा भाई और बहन हैं। उसकी मां ममता ने बताया- उसके पति की मौत हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारी अब उसी पर है। वह प्राइवेट नौकरी करती हैं। छोटा बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है। मोहित पहले स्कूल जाता था, लेकिन उन्हें पता नहीं चला कि वह कब गलत संगत में पड़ गया। उसने बेटे को समझाने की कोशिश की थी और उम्मीद थी कि वह सुधर जाएगा।
बेटा पिछले कुछ दिनों से अपराध और गलत संगत से दूर होने की बात करता था। वह कहता था कि आसपास का माहौल ठीक नहीं है और वह इससे निकलकर सामान्य जिंदगी जीना चाहता है। मोहित कई बार शादी करके अपना घर बसाने और मां के पास रहने की बात भी करता था। एक युवक की हत्या की वारदात के बाद कुछ लोग मोहित के पीछे पड़ गए थे। उनका कहना है कि इसी डर के कारण वह घर पर भी ज्यादा नहीं आता था।
उन्हें अंकित बालियान की हत्या की जानकारी नहीं थी। बस ये पता चला था कि किसी सिंगर की हत्या हुई है। मोहित की इसमें क्या भूमिका है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

मोहित की मां ममता ने बताया कि उसका बेटा पिछले कुछ दिनों से सुधरने की कोशिश कर रहा था।
अब जानिए सुमित के पिता ने क्या कहा…..
तीन महीने पहले तक साथ काम करता था बेटा
सुमित अपने परिवार में तीसरे नंबर पर था। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार में अब उसके माता-पिता और एक छोटा भाई रह गया है। पिता धर्मपाल ने बताया कि करीब तीन महीने पहले तक सुमित परिवार के साथ रहता था और बड़े भाई के साथ वाई-फाई का काम करता था। सुमित ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। उनके पिता खुद बोरिंग का काम करते हैं।
करीब तीन महीने पहले कुंडली की टीडीआई सिटी में टैक्सी ड्राइवर विजय, उसकी पत्नी सुनीता और एक अन्य महिला की हत्या हुई थी। विजय, मोहित का रिश्तेदार था। इसी घटना के आसपास प्रिंस नाम के युवक ने सुमित की मुलाकात मोहित से करवाई। इसके बाद दोनों की दोस्ती बढ़ती गई और सुमित ज्यादातर समय मोहित के साथ रहने लगा।
मोहित के साथ रहने के बाद बेटा घर से दूर होता गया
धर्मपाल का कहना है कि बाद में परिवार को पता चला कि मोहित पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने सुमित को उससे दूर रहने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। सुमित कई-कई दिन तक कपड़े नहीं बदलता था और घर आता भी था तो जल्दबाजी में रहता था। परिवार को उसके व्यवहार में अचानक बदलाव नजर आया। उन्हें लगने लगा था कि सुमित पर किसी तरह का दबाव हो सकता है। मोहित जब भी सुमित के साथ घर आता था, वह उसके काफी करीब रहता था और उसे अकेला नहीं छोड़ता था।
आखिरी बार 25 अगस्त को घर आया, बोला- पिताजी मैं मजबूर हूं
धर्मपाल के मुताबिक, सुमित आखिरी बार 24 या 25 अगस्त को घर आया था। वह मोहित के साथ करीब 10 मिनट के लिए घर पहुंचा था। पिता ने उसे रोककर कुछ देर काम में हाथ बंटाने के लिए कहा, क्योंकि मजदूर नहीं मिल रहे थे। सुमित ने जवाब दिया- “पिताजी, मैं मजबूर हूं।” उस समय मोहित उसके बिल्कुल करीब खड़ा था। इसी वजह से पिता को अब आशंका है कि सुमित किसी दबाव में था।
धर्मपाल के अनुसार, उसी दौरान दोनों नए कपड़े लेकर घर आए थे। सुमित और मोहित ने घर में कपड़े बदले और सुमित ने परिवार के मोबाइल पर नए कपड़ों की तस्वीर भी भेजी। इसके बाद दोनों वहां से चले गए। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सुमित के पास अक्सर एक ही जोड़ी कपड़े होते थे। 25 अगस्त को रक्षाबंधन के लिए भी उसके लिए कपड़े खरीदे गए थे, लेकिन वह त्योहार पर घर नहीं पहुंचा।

सेक्टर-14 में भी दोनों साथ थे
धर्मपाल ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या से करीब चार-पांच दिन पहले वह सोनीपत के सेक्टर-14 में चिंतपूर्णी मंदिर के पास काम कर रहे थे। वहां सुमित और मोहित भी पहुंचे। दोनों ने करीब दो घंटे तक वहां काम किया, लेकिन मोहित इस दौरान लगातार सुमित के साथ रहा। उसने सुमित को एक मिनट के लिए भी अकेला नहीं छोड़ा। उन्हें नहीं पता कि सुमित को किसी ने धमकाया, लालच दिया या किसी और तरीके से अपने साथ जोड़ा।
उन्होंने कहा कि अगर सुमित ने हत्या में अपनी मर्जी से हिस्सा लिया था तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई और सजा होनी चाहिए थी। लेकिन अब परिवार चाहता है कि जांच में यह सामने आए कि सुमित और मोहित किन लोगों के संपर्क में थे और हत्याकांड में उनकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
पुलिस पर एनकाउंटर का आरोप
धर्मपाल का दावा है कि शनिवार को उसे घर से करीब दो बजे उठाया गया और कैराना थाने ले जाया गया। वहां रात करीब नौ बजे उत्तर प्रदेश पुलिस का एक अधिकारी उनसे मिला। पिता के अनुसार, उन्हें बताया गया कि सुमित का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उसके साथ अन्याय नहीं होगा। पुलिस ने कहा था कि सुमित का चालान होगा और फिर वह उसकी जमानत करवा सकेंगे।
धर्मपाल का आरोप है कि बाद में उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर गाड़ी में बैठाया गया। इसके बावजूद सोमवार सुबह सुमित का एनकाउंटर कर दिया गया। उनका सवाल है कि अगर पुलिस ने उसे लेकर कार्रवाई की बात कही थी तो एनकाउंटर क्यों किया गया।

सुमित की मां ने कहा कि मेरे छोटे बेटे को भी पुलिस ने थर्ड डिग्री दिया। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा।
छोटे भाई से मारपीट का आरोप
सुमित के छोटे भाई यशपाल ने पुलिस पूछताछ के दौरान मारपीट का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि उसके पैरों को पकड़कर खींचा गया और पैरों के ऊपर भारी बेलननुमा वस्तु घुमाई गई। उसे इतनी तकलीफ हुई कि वह चिल्लाने लगा। उसे थर्ड डिग्री दी गई। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। उसने पुलिस को अपने भाई के बारे में जितनी जानकारी थी, वह बता दी थी, लेकिन हत्या से जुड़ी कोई जानकारी उसके पास नहीं थी।


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