शिवम तिवारी | बांदा5 मिनट पहले
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बांदा में रुक-रुककर हो रही झमाझम बारिश के बीच गुरुवार को गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन जारी रहा। श्रद्धालु गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पहुंचे। बारिश के बावजूद लोगों के उत्साह में कमी नहीं दिखी। गणपति बप्पा के जयकारों से घाट क्षेत्र गूंजता रहा।
नदी में बनाया गया अलग तालाब
विसर्जन स्थल पर प्रतिमाओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जित कराने के लिए नदी में अलग से छोटा तालाब बनाया गया है। बड़ी प्रतिमाओं को नाव के जरिए नदी के बीच बनाए गए निर्धारित स्थान तक ले जाया जा रहा है। इसके बाद प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा रहा है। इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को नदी के गहरे पानी में जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है।

शाम 6 बजे तक 90 प्रतिमाओं का विसर्जन
जानकारी के अनुसार, इस बार गणेश उत्सव के लिए 39 बड़ी प्रतिमाओं का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इनमें से गुरुवार शाम 6 बजे तक दो बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका था। छोटी-बड़ी प्रतिमाओं को मिलाकर कुल 90 प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा चुका था। बाकी प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहा।
पांच थानों की फोर्स तैनात
विसर्जन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। पांच थानों की पुलिस फोर्स को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा दो सीओ और पांच इंस्पेक्टर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। नदी और विसर्जन स्थल के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

बारिश के बीच नाचते-गाते पहुंचे श्रद्धालु
विसर्जन जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। युवा ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते नजर आए। महिलाएं और बच्चे भी गणपति बप्पा के दर्शन और पूजन के बाद विसर्जन में शामिल हुए। रुक-रुककर बारिश होने के बावजूद घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

देर रात तक चल सकता है विसर्जन
प्रशासन और पुलिस की ओर से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान पर ही विसर्जित कराया जा रहा है। बड़ी प्रतिमाओं को नाव के जरिए नदी में बनाए गए स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। ‘गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ…’ के जयकारों के बीच श्रद्धालु अपने आराध्य को विदाई दे रहे हैं। प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात तक चलने की संभावना है।


