ढाका30 मिनट पहले
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बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर। (फाइल फोटो)
बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते को रीसेट करना चाहता है। यानी दोनों देशों के बीच संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है।
बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नया रिश्ता आपसी हितों के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को असहज बताया।
कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए।
‘भारत पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना बंद करना होगा’
कबीर ने कहा कि बांग्लादेश को भारत के साथ रिश्तों को लेकर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने की सोच से बाहर निकलना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ संबंधों को संतुलित तरीके से देखना चाहिए और आपसी हितों पर ध्यान देना चाहिए। नई दिल्ली के साथ रिश्ता बांग्लादेश के दूसरे देशों के साथ संबंधों का भी एक हिस्सा है।

BRICS समिट में PM रहमान शामिल नहीं हुए थे
बांग्लादेश का यह बयान भारत में हुए BRICS समिट के खत्म होने के आया है। बांग्लादेश ने कहा था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत हैसियत से न्योता नहीं दिया गया था।
ढाका के मुताबिक, उन्हें BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया गया था। BIMSTEC बंगाल की खाड़ी से जुड़े दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के 7 देशों का क्षेत्रीय संगठन है, जो आपसी सहयोग और विकास के लिए मिलकर काम करता है।

अगस्त में भी टला था रहमान का भारत दौरा
BRICS से पहले भारत ने दोनों देशों के बीच एक अलग द्विपक्षीय मुलाकात के लिए PM तारिक को निमंत्रण दिया था। उन्हें 22 अगस्त को भारत आना था, लेकिन दौरे से पहले ही यह कार्यक्रम टल गया था।
उस समय बांग्लादेश ने भारत के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर पहले से तनाव चल रहा है।
इस पर बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने उस वक्त कहा था कि,
जब माहौल सही होगा, तब द्विपक्षीय दौरे होंगे। जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।


हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारत-बांग्लादेश में तनाव बढ़ा
दरअसल 5 अगस्त को शेख हसीना ने दिल्ली में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी।
इस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में भारत को पहले आगाह किया गया था लेकिन फिर भी भारत ने उन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी। गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना का प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार कर दिया था।
भारत ने कहा था कि उनका कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।
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