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बेल्ट्रॉन DEO भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। वर्ष 2024 में आयोजित परीक्षा में कुल 9,808 अभ्यर्थियों के क्वालिफाई होने का दावा करते हुए अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि आखिर जब फाइनल मेरिट पैनल में इतने अभ्यर्थी शामिल थे तो केवल 5,000 अभ्यर्थियों की प्रोविजनल लिस्ट किस आधार पर जारी की गई। बाकी 4,808 अभ्यर्थियों को अब तक ज्वाइनिंग नहीं मिलने से उनमें आक्रोश है। गर्दनीबाग धरना स्थल पर छात्रों ने बेल्ट्रॉन की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा हुए दो साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक बाकी क्वालिफाई अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया गया है। दिन-रात मेहनत कर परीक्षा पास की, फिर भी ज्वाइनिंग से वंचित छपरा से आईं वीणा कुमारी ने कहा कि बेल्ट्रॉन की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने आवेदन किया और परीक्षा की तैयारी के लिए दिन-रात मेहनत की। परीक्षा देने के बाद वे क्वालिफाई भी हुए। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची में कुल 9,808 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ, लेकिन इसके बावजूद केवल 5,000 अभ्यर्थियों की प्रोविजनल लिस्ट जारी कर दी गई। आखिर बाकी 4,808 अभ्यर्थियों को किस आधार पर सूची से अलग रखा गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बेल्ट्रॉन के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। उनका आरोप है कि बेल्ट्रॉन की पूरी व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं हैं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को लगातार स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। ‘हमारे बारे में सोचा जा रहा है’, लेकिन दो साल से फैसला नहीं वीणा कुमारी ने कहा कि जब अभ्यर्थी बेल्ट्रॉन के अधिकारियों या संबंधित विभाग के पास अपनी फाइनल मेरिट लिस्ट और ज्वाइनिंग को लेकर जानकारी लेने जाते हैं तो उन्हें अक्सर यही जवाब दिया जाता है कि “आपके बारे में सोचा जा रहा है।” आखिर अभ्यर्थियों के बारे में सोचने में कितना समय लगेगा। पिछले दो वर्षों से हमारे बारे में ही सोचा जा रहा है। आखिर कब तक सोचा जाएगा और कब फैसला लिया जाएगा?” अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लेकिन फाइनल मेरिट सूची और ज्वाइनिंग को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ‘मंत्री बदलने में समय नहीं लगा, हमारी मेरिट लिस्ट में दो साल क्यों?’ वीणा कुमारी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024 से अब तक कई मंत्री बदले जा चुके हैं। सरकार को मंत्रियों को बदलने और नई जिम्मेदारियां देने में अधिक समय नहीं लगता, लेकिन हजारों अभ्यर्थियों की फाइनल मेरिट सूची जारी करने में दो साल से अधिक समय बीत चुका है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी सरकार से जवाब मांग रहे हैं और जब भर्ती सरकारी संस्था के माध्यम से हुई है तो सरकार को भी इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए। जब वे अपनी मांगों को लेकर मंत्रियों के पास जाते हैं तो वहां भी उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता है कि उनके मामले पर विचार किया जा रहा है। बेगूसराय से आए मोहम्मद नासिर ने कहा कि वर्ष 2024 में बेल्ट्रॉन द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी। सीबीटी परीक्षा के बाद कुल 9,808 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इस संबंध में एस. सी. सिंह मैडम की ओर से भी कुल 9,808 अभ्यर्थियों के सफल होने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद बेल्ट्रॉन ने बिना किसी स्पष्ट आधार या विस्तृत जानकारी के केवल 5,000 अभ्यर्थियों की प्रोविजनल सूची जारी कर दी। उन्होंने कहा कि इसके बाद सूची में शामिल अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ी और उन्हें ज्वाइनिंग भी करा दी गई, जबकि हजारों क्वालिफाई अभ्यर्थी अब भी इंतजार कर रहे हैं। 4,808 क्वालिफाई अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल मोहम्मद नासिर ने कहा कि उनके सहित बाकी अभ्यर्थियों के स्कोर कार्ड पर स्पष्ट रूप से ‘Qualified’ लिखा हुआ है। इसके बावजूद उन्हें अब तक ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। परीक्षा हुए दो साल से अधिक समय बीत चुका है और इस दौरान अभ्यर्थी लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं। अभ्यर्थियों का सवाल है कि यदि उन्हें परीक्षा में क्वालिफाई घोषित किया गया है तो आखिर उनकी आगे की भर्ती प्रक्रिया और ज्वाइनिंग को लेकर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय क्यों नहीं लिया गया। जब अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मिलते हैं तो उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि बाकी अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
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BELTRON DEO भर्ती प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों का धरना:कहा- मंत्री बदलने में नहीं लगते दो साल, फिर हमारी मेरिट लिस्ट क्यों अटकी?
