मधेपुरा के BNMU में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लाभ के लिए छात्राओं से वेरिफिकेशन के नाम पर व्हाट्सएप चैनलों और ग्रुपों के जरिए अवैध वसूली के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन एक्टिव हो गया है।
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इस खबर को दैनिक भास्कर डिजिटल द्वारा 19 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर चलने के बाद विश्वविद्यालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सतर्क रहने की सलाह
मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय ने 21 जुलाई को कार्यालय आदेश जारी कर छात्र-छात्राओं और आवेदकों को फर्जी व्हाट्सएप चैनलों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सतर्क रहने की सलाह दी है।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना या विश्वविद्यालय से जुड़े किसी भी कार्य के लिए बीएनएमयू कोई व्हाट्सएप चैनल, व्हाट्सएप ग्रुप अथवा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालित नहीं करता है। ऐसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से दी जा रही जानकारी और वेरिफिकेशन के नाम पर पैसे की मांग पूरी तरह अनधिकृत है।
वेबसाइट और विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचनाओं से प्राप्त करें आधिकारिक जानकारी
आदेश में छात्रों से अपील की गई है कि वे किसी भी व्यक्ति या समूह को सत्यापन, आवेदन प्रक्रिया अथवा विश्वविद्यालय से संबंधित किसी भी सेवा के लिए कोई भुगतान न करें। आधिकारिक जानकारी केवल विश्वविद्यालय की वेबसाइट और विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचनाओं से ही प्राप्त करें।
साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल विश्वविद्यालय के नोडल कार्यालय एवं ई-मेल nodalofficebnmu@gmail.com पर देने को कहा गया है।
कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि यह भी कहा है कि बीएनएमयू के नाम का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप चैनल या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालित या प्रचारित करने वाले व्यक्तियों पर कानूनी एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
