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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संगठन सह-प्रभारी दीपक बालियान को कठूमर (अलवर) स्थित उनके आवास से पुलिस ने हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि राजस्थान पुलिस बालियान को उनके घर से हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले गई। परिजनों के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात लगभग 10 बजे दो पुलिस जीपें दीपक बालियान के घर पहुँचीं और उन्हें जबरन अपने साथ ले गईं। परिवार ने पुलिसकर्मियों को बताया कि दीपक के बाएँ पैर में फ्रैक्चर है, इसके बावजूद उन्हें कथित रूप से कॉलर पकड़कर घसीटा गया और जीप में डाल दिया गया। इस दौरान उनकी एक चप्पल भी वहीं छूट गई। परिजनों का यह भी कहना था कि, जब दीपक के छोटे भाई अनिरुद्ध ने पुलिस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी मारपीट की और उन्हें शर्ट से पकड़कर घसीटने का प्रयास किया। दीपक की माँ सुमन देवी ने जब अपने बेटे को ले जाने से रोकने की कोशिश की, तो उन्हें भी एक पुरुष पुलिसकर्मी द्वारा धक्का दिए जाने का आरोप है। परिवार ने खेड़ली थाना क्षेत्र के दीवान पर भी दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, स्थानीय पुलिस पहली बार लगभग रात 8 बजे उनके घर पहुँची थी। इस दौरान दीपक ने पुलिस कार्रवाई का Instagram Live किया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस बाद में दोबारा आई और उनसे वीडियो हटाने को कहा। वीडियो नहीं हटाए जाने के बाद लगभग 10 बजे पुलिस दो जीपों में पहुँची और दीपक को अपने साथ ले गई। यह भी बताया गया है कि दीपक लगभग 15 दिनों बाद उसी दिन, 8 अक्टूबर की दोपहर में अपने घर लौटे थे और कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई हुई। 10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन से पहले कार्रवाई दीपक बालियान की हिरासत की खबर ऐसे समय सामने आई है। जब CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को लेकर बुलाया गया है। CJP और उसके सहयोगी संगठन SIR को लेकर सवाल उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची में बदलाव से बड़ी संख्या में नागरिकों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। CJP ने कहा- संगठन 10 अक्टूबर का प्रदर्शन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार करेगा और गिरफ्तारी या हिरासत के लिए भी तैयार है। आशुतोष रांका ने उठाए सवाल बालियान की हिरासत की खबर के बाद CJP नेता आशुतोष रांका ने पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश एक बार फिर आपातकाल की ओर बढ़ रहा है। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि कार्रवाई के विरोध में किसान और कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के साथ पुलिस स्टेशन की ओर बढ़ रहे हैं। बालियान ने बनाया वीडियो आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा- हमारे को-इंचार्ज दीपक बालियान के घर पर पुलिस भेज रखी है। इन्हें आप लाइव देखिए। वीडियो में उन्होंने बताया- बालियान के अलवर कठूमर स्थित आवास पर पुलिस आई हुई है। जहां पुलिसकर्मी उन्हें कह रहे हैं कि आप कठूमर थाने चलिए, साहब ने बुलाया है। आशुतोष रांका ने वीडियो कॉल पर दीपक बालियान को पुलिस के चेहरे दिखाने के लिए कहा। इस पर वीडियो कॉल पर दीपक बालियान ने बताया- इनका कहना है कि साहब ने बुलाया है। वीडियो में राजस्थान पुलिस के सिपाही पुलिस की पीसीआर में बैठे नजर आ रहे हैं। दीपक बालियान इस दौरान पुलिस वालों से इंचार्ज से बात करने की बात कहते नजर आ रहे हैं। आशुतोष रांका कहते हैं कि देश की जनता को इनको देखने दो। इस दौरान दीपक बालियान कहते नजर आते हैं कि देश की जनता को यह देखने दो कि आम जनता को आप इतनी रात को कैसे परेशान करते हो। इस दौरान आशुतोष रांका दीपक बालियान को कहते हैं कि उनकी नेम प्लेट पढ़ाओ। दीपक बालियान सिपाही का परिचय करते हैं कि यह पप्पू खान हैं। आशुतोष राय का सिपाही से बातचीत करते हुए कहते हैं कि पप्पू जी बताएं कि आप में आप किस आधार पर बात करने आए हैं। देश की जनता भी अभी ऑनलाइन देख रही आपकी करतूतें है। इस बीच सिपाही कहता है कि आपको कुछ गलत तो बोल ही नहीं। इस बीच दीपक बालियान कहते हैं कि आपको नहीं पता तो आप यहां से निकलो। इस दौरान सिपाही चाय का जिक्र करता है तो दीपक बालियान कहते हैं कि कोई चाय-वाय नहीं है। चाय पानी पीनी है तो दिन में आना। फिर कहते हैं आराम से निकलें, अबकी बार आओ तो साहब को साथ लेकर आना। साथी पूछना कि क्या कारण है। आशुतोष रांका कहते हैं कि गिरफ्तार करके दिखाओ। फिर देखना थाने पर क्या होता है। इसके बाद पुलिस के जवान गाड़ी में बैठकर रवाना हो जाते हैं। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज PUCL राजस्थान इस पूरे मामले में निम्न मांगें की है। PUCL राजस्थान ने बयान जारी कर कहा है कि किसी भी नागरिक को केवल उसकी अभिव्यक्ति, चाहे, धरने पर जाने मंशा हो या वीडियो रिकॉर्ड करने या पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने के कारण मनमाने ढंग से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अथवा हिरासत यदि की गई है, तो वह कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया, पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप होनी चाहिए। PUCL राजस्थान ने मांग की है कि राजस्थान पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण दें और दीपक बालियान की सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा उनके सभी कानूनी अधिकार सुनिश्चित करें। CJP में अहम जिम्मेदारी संभालते हैं बालियान दीपक बालियान CJP के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। अगस्त 2026 में पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी और नॉर्थ जोन प्रभारी नियुक्त किया था। इससे पहले वह राजस्थान में पार्टी के आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। दिल्ली प्रदर्शन को लेकर तनाव CJP ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में विरोध का आह्वान किया है। पार्टी ने कहा- उसका आंदोलन SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर है। वहीं प्रदर्शन से ठीक पहले राजस्थान में दीपक बालियान को हिरासत में लिए जाने के दावे के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति सामने आई है। फिलहाल बालियान की हिरासत को लेकर पार्टी और पुलिस के दावों में अंतर है। मामले में पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
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CJP सह-प्रभारी दीपक बालियान को पुलिस ने हिरासत में लिया:CJP का दावा- दीपक के भाई के साथ पुलिस ने मारपीट की, आशुतोष रांका ने राजस्थान पुलिस पर उठाए सवाल
