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मोहन यादव से ये क्या कह गई एक लड़की कोई आपके बारे में जानता न हो और आपके सामने ही आपके लिए कुछ भी बोल दे, तो आपको कैसा महसूस होगा? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपना ऐसा ही एक अनुभव साझा किया। वे भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय स्कूल में छात्राओं से संवाद कर रहे थे।
मोहन यादव का यह किस्सा उस समय का है, जब वे मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि विधायक थे। उन्होंने बताया कि वे उज्जैन से भोपाल की ओर जा रहे थे। आष्टा के पास एक लड़की ने हाथ दिखाकर उनकी गाड़ी रोकने का इशारा किया।
गाड़ी रुकवाने पर उन्होंने देखा कि एक शख्स घायल हालत में सड़क किनारे पड़ा था। लड़की ने उनसे कहा कि यह घायल हो गया है। क्या इसे आपकी गाड़ी से अस्पताल ले जा सकते हैं? मोहन यादव इसके लिए राजी हो गए और घायल को अपनी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले गए।
सीएम ने बताया कि गाड़ी में बैठने के बाद लड़की ने कहा कि उसने कई लोगों को मदद के लिए रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं रुका। इसके बाद वह नेताओं को कोसने लगी। कहने लगी कि ये सारे विधायक बेईमान हैं और सभी नेता चोर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे चुपचाप उसकी बातें सुनते रहे। जब घायल को अस्पताल पहुंचा दिया गया, तब उन्होंने लड़की को अपना परिचय दिया।
उन्होंने कहा- मैं खुद एक विधायक हूं। यह सुनकर लड़की हैरान रह गई। इसके बाद मोहन यादव ने उससे कहा कि कुछ भी बोलने से पहले हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं। उसी तरह हर शख्स, हर इंसान एक जैसा नहीं होता।
अब सीएम ने तो उस लड़की को समझा दिया और वह समझ भी गई। लेकिन यह किस्सा एक सवाल जरूर छोड़ गया कि आम लोगों के बीच नेताओं की कैसी छवि बनी हुई है। ये सोचने वाली बात है।

भोपाल में छात्राओं से संवाद के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपना एक अनुभव साझा किया।
एसपी और कलेक्टर पर बरसे जीतू पटवारी दतिया उप-चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने सभा कर जनता का आभार जताया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से पुलिस और प्रशासन को निशाने पर लिया।
उन्होंने दतिया उपचुनाव के ‘गोलमाल’ का नगमा छेड़ दिया। पटवारी ने दोहराया कि चुनाव में 50 करोड़ रुपए आए थे। उन्होंने कहा- ‘थाने में पकड़े गए थे 5 करोड़ रुपए। याद है आपको, चली थी हवा। वो सही में पकड़े गए थे। सरकार थी, प्रशासन था, इसलिए… गोलमाल है भई, सब गोलमाल है।’
पटवारी ने मंच से एसपी और कलेक्टर को भी सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा- ‘सुन लो एसपी और कलेक्टर। तुमने कहा था ठेका लिया है, जीता देंगे। जनता से बड़े हो क्या तुम?’
अब लोग कह रहे हैं कि दतिया उपचुनाव की जीत से उत्साहित कांग्रेस की नजर 2028 के विधानसभा चुनाव पर है। इसके लिए अभी से माहौल बनाया जा रहा है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को लेकर पटवारी के तेवर को 2028 की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

दतिया में कांग्रेस की जीत के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी।
कांग्रेस विधायक का आगे आने के लिए संघर्ष दतिया में सभा के बाद कांग्रेस नेताओं ने मीडिया से बात की। इस दौरान फूलों की माला पहने नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह मंच पर आगे आने के लिए संघर्ष करते नजर आए।
वो भी तब, जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अपने नए-नवेले विधायक घनश्याम सिंह की तारीफों के पुल बांध रहे थे। सिंघार कह रहे थे कि घनश्याम सिंह ने भाजपा की बंसी बजा दी।
अब लोग चुटकी ले रहे हैं कि कांग्रेस की चुनावी बारात में दूल्हे बने ‘राजा’ ही पीछे रह गए। फ्रंट पर आने के लिए उन्हें भरे मंच पर अपनों के बीच ही संघर्ष करना पड़ा।

दतिया में कांग्रेस के मंच पर आगे आने के लिए कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह संघर्ष करते दिखे।
और अब अंदर की बात..
भ्रष्टाचार की जगह अस्पताल की सुविधाओं की जांच एमपी वाकई अजब है। यहां भ्रष्टाचार पकड़ने वाली जांच एजेंसी अब अस्पताल की कमतर सुविधाओं की जांच में जुट गई है। मामला एक प्राइवेट अस्पताल का है, जिसके खिलाफ जांच एजेंसी में शिकायत पहुंची। एजेंसी ने भी अस्पताल को नोटिस थमा दिया और जवाब मांग लिया कि अस्पताल में सुविधाएं कम क्यों हैं?
अब खबर है कि जिस प्राइवेट अस्पताल को नोटिस दिया गया है, उसके संचालक सत्ताधारी दल के एक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं। जांच एजेंसी को इसकी जानकारी है या नहीं, यह तो पता नहीं, लेकिन अपने इस नए कारनामे की वजह से एजेंसी सुर्खियों में जरूर आ गई है।
इनपुट सहयोग –
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रतलाम में उस समय हाईवोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जब नगर निगम की टीम बकाया नहीं चुकाने वालों से प्रधानमंत्री आवास योजना के फ्लैट खाली कराने पहुंची। इस दौरान पूर्व विधायक पारस सकलेचा की नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना से तीखी बहस हो गई। पूरी खबर पढ़ें
