Headlines

Delhi High Court Summons CJP & Abhijeet Dipke in Gaurav Bhatia Defamation Case


  • Hindi News
  • National
  • Delhi High Court Summons CJP & Abhijeet Dipke In Gaurav Bhatia Defamation Case

4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भाजपा प्रवक्ता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से विवादित सोशल मीडिया पोस्ट खुद हटाने को लेकर जवाब मांगा।

दोनों की ओर से पोस्ट हटाने पर सहमति जताई गई और बताया कि 24 घंटे में डिलीट किया जाएगा। भाटिया ने CJP नेताओं समेत अन्य के खिलाफ ₹2 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

विवाद एक AI से बने ग्राफिक से जुड़ा है, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर भाटिया का एक बयान उनकी तस्वीर और नाम से शेयर किया गया था। भाटिया ने इस बयान को फर्जी बताया है।

कोर्ट बोला- विरोध के कई तरीके, बिना जांचे हमला करना सही नहीं

जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुनवाई के दौरान कहा कि विरोध करने के कई तरीके होते हैं। उन्होंने दास और रांका के वकीलों से कहा कि अगर आरोपी खुद सामग्री हटा देते हैं तो हमें पोस्ट हटाने का आदेश देने की जरूरत नहीं होगी।

जज ने कहा- आपको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना जांच के इस तरह हमला करना सही नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपनी बात को अधिक स्पष्ट और बेहतर तरीके से रखा जाना चाहिए, ताकि उसका उद्देश्य सही तरीके से सामने आए।

दास के वकील बोले- पोस्ट पहले ही डिलीट किया

सौरव दास की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि विवादित पोस्ट पहले ही डिलीट किया जा चुका है। इस पर कोर्ट ने कहा कि एक और पोस्ट भी शेयर की गई थी।

इसके बाद अदालत ने दोनों नेताओं के वकीलों को उनसे निर्देश लेने को कहा कि बाकी विवादित पोस्ट भी स्वेच्छा से हटाई जाएगी या नहीं। बाद में दास और रांका ने पोस्ट हटाने पर सहमति जताई।

कोर्ट ने दोनों को यह भी सलाह दी कि उनके सामने पढ़ाई और दूसरे कामों सहित बहुत कुछ है। ऐसे में उन्हें अपना समय मुकदमेबाजी में क्यों लगाना चाहिए।

अभिजीत दीपके को पक्षकार बनाने पर कोर्ट ने सवाल उठाया

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने CJP फाउंडर अभिजीत दीपके को मामले में पक्षकार बनाए जाने पर भी सवाल किया। दीपके की ओर से वकील ने कहा कि विवादित पोस्ट से जुड़ा उनका कोई पोस्ट नहीं है और उनके खिलाफ ऐसा कोई विशेष कृत्य नहीं बताया गया है, जो इस मुकदमे का आधार बनता हो।

इस पर कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया दीपके के खिलाफ कुछ नहीं दिख रहा है और संकेत दिया कि उन्हें मामले से हटाया जा सकता है।

कोर्ट ने भाटिया से यह भी पूछा कि CJP और दीपके को मामले में किस आधार पर पक्षकार बनाया गया। भाटिया ने बताया कि मुकदमे की प्रति सोशल मीडिया मंच एक्स को भी दी गई है।

अदालत ने दोहराया कि तत्काल आरोप मुख्य रूप से सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ हैं और दोनों से इस संबंध में निर्देश लेने को कहा।

भाटिया बोले- तस्वीर के साथ फर्जी बयान जोड़ा गया

गौरव भाटिया खुद कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा कि मामला गंभीर मानहानि का है और विवादित पोस्ट इंटरनेट पर नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि आरोपियों के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। उनके मुताबिक, पोस्ट से उनकी छवि को नुकसान पहुंच रहा है और उन्होंने पहले ही इसे हटाने का मौका दिया था।

भाटिया ने आरोप लगाया कि उनकी तस्वीर के साथ एक गढ़ा हुआ बयान जोड़ा गया। इसके अलावा ग्राफिक में एक समाचार एजेंसी के लोगो का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे पोस्ट वास्तविक और विश्वसनीय दिखाई दे रही थी।

उनकी याचिका के मुताबिक, विवादित पोस्ट को 1.32 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा था। भाटिया की आपत्ति के बाद पोस्ट को हटा दिया गया था।

₹2 करोड़ हर्जाना और पोस्ट पर रोक की मांग

भाटिया ने अपनी याचिका में ₹2 करोड़ के हर्जाने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने विवादित सामग्री को दोबारा प्रकाशित, साझा या प्रसारित करने पर स्थायी और अनिवार्य रोक लगाने की मांग की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने विवादित सामग्री को प्रकाशित या आगे बढ़ाया। भाटिया की तस्वीर के साथ कथित बयान लगाए जाने से ऐसा इम्प्रेशन बना कि वह बयान खुद भाटिया ने दिया था।

क्या था फर्जी बयान वाला विवाद?

मामला CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले से जुड़े विवाद के बीच सामने आया। CJP ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट की।

इसी मामले को लेकर CJP ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर की मांग की थी। विवाद के बीच सौरव दास ने एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें गौरव भाटिया की तस्वीर के साथ स्वतंत्र भारद्वाज को “दिमागी नक्सल” बताए जाने सहित कई बातें उनके नाम से लिखी थीं।

भाटिया ने बयान देने से इनकार करते हुए इसे फर्जी बताया था। दास ने बाद में पोस्ट डिलीट कर सफाई दी कि ग्राफिक AI से बनाया गया था। हालांकि, उन्होंने भाजपा पर भी सवाल उठाए और पूछा कि पार्टी स्वतंत्र भारद्वाज के मामले पर क्या रुख रखती है।

आशुतोष रांका पर आरोप है कि उन्होंने दास के पोस्ट को दोबारा शेयर कर विवादित कंटेट को बढ़ावा दिया।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *