- Hindi News
- National
- Delhi Riots Case | Ankit Sharma Murder Sentencing | Tahir Hussain Verdict
नई दिल्ली5 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों के लिए दिल्ली पुलिस ने फांसी की सजा मांगी है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सजा पर बहस हुई। पुलिस ने दलील दी कि अपराधियों ने बेहद क्रूर और जघन्य तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया है। यह इन लोगों की सोची-समझी साजिश थी।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि हर मामले में मौत की सजा नहीं दी जा सकती। उन्होंने बताया कि 91 गवाहों की जांच के बाद कोर्ट ने 11 आरोपियों में से सिर्फ छह को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने अब सजा सुनाने के लिए 31 जुलाई की तारीख दी है।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का दोषी ठहराया था। वहीं, 11 आरोपियों में से 6 को बरी कर दिया गया था।

IB अफसर अंकित शर्मा, हिंसा वाली शाम ऑफिस से घर आने के बाद दोबारा बाहर गए थे, जब उनकी हत्या कर दी गई थी।
हिंसाग्रस्त इलाके के नाले में मिला था अंकित का शव
यह मामला दयालपुर थाने में अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया था। 25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा ऑफिस से घर लौटने के बाद दोबारा बाहर निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आए। परिवार उनकी तलाश कर रहा था, तभी लोगों ने बताया कि उनकी हत्या कर शव को चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है। अगले दिन सुबह पुलिस ने नाले से उनका शव बरामद किया था।
रविंदर कुमार का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उनके साथियों ने की। शिकायत के अनुसार, आरोपी ताहिर हुसैन के ऑफिस में इकट्ठा हुए थे और हत्या के बाद अंकित के शव को नाले में फेंक दिया गया।

नाले में पड़ा अंकित का शव, उनके शरीर पर चोट के 51 जख्म थे।
मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निलंबित कर दिया था। 24 मार्च 2023 को अदालत ने ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा
23 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। 26 फरवरी तक चले दंगों में 53 लोगों की जान गई और 250 से ज्यादा जख्मी हो गए थे। मरने वालों में 38 मुसलमान और 15 हिंदू थे। करीब 800 दुकानें जला दी गईं। 500 से ज्यादा घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।
भास्कर नॉलेज…
ताहिर ने पैरोल पर जेल से बाहर आकर लड़ा था 2025 का विधानसभा चुनाव

फरवरी 2025 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में ताहिर हुसैन ने मुस्तफाबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार मोहन सिंह बिष्ट ने जीत दर्ज की थी, जबकि ताहिर हुसैन तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें करीब 33 हजार वोट मिले थे। चुनाव प्रचार के लिए ताहिर कस्टडी पैरोल पर बाहर आए थे।

