DM बोले-स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं:अस्पताल और प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण, बाढ़ तैयारियों का जायजा लिया




खगड़िया में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बुधवार को अलौली प्रखंड का दौरा किया। उन्होंने संभावित बाढ़ की तैयारियों का जायजा लिया और चातर, ईस्ट दहमा, संतोष पुल तथा संतोष बांध का निरीक्षण किया। इस दौरान, डीएम ने एसडीआरएफ के संसाधनों और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। डीएम ने एसडीआरएफ के पास उपलब्ध नाव, मोटरबोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, संचार उपकरण और जनरेटर जैसे राहत एवं बचाव संसाधनों की कार्यशीलता की जांच की। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन उपकरणों की कमी है, उनका प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराया जाए ताकि बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में कोई बाधा न आए। एसडीआरएफ अधिकारियों और जवानों को सतर्कता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके बाद, जिलाधिकारी मध्य विद्यालय, दहमा पहुंचे। यहां उन्होंने मध्याह्न भोजन, रसोईघर की स्वच्छता, पोषण आहार की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पठन-पाठन व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में बच्चों से बातचीत की और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 5 से 14 वर्ष आयु के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने को कहा गया। तत्पश्चात, डीएम ने अलौली प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण किया और विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विकास मित्रों, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय अवधि के दौरान कोई भी बच्चा सड़क पर नहीं दिखना चाहिए। साथ ही, सभी पात्र बच्चों का विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, आधार सीडिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक शीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। दौरे के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने प्रखंड अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, प्रयोगशाला, रक्त जांच समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और मरीजों से इलाज की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी चिकित्सकों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने यक्ष्मा (टीबी) उन्मूलन अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अस्पताल आने वाले सभी मरीजों को टीबी जांच के प्रति जागरूक करने तथा प्रखंड परिसर में सभी अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ जनहित में कार्य करें।



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