गुरुग्राम3 घंटे पहलेलेखक: निरंजन कुमार
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सीएम के काफिले को काले झंडे दिखाने वाले कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्षों वर्धन राव और पंकज डावर डीसीपी दफ्तर में जाते हुए।
हरियाणा सीएम नायब सैनी को काले झंडे दिखाने के बाद से लापता हुए कांग्रसे दो जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर देर रात अचानक गुरुग्राम पहुंच गए। दोनों सीधे डीसीपी वेस्ट करन गोयल के दफ्तर पहुंचकर पेश हुए, जहां से उन्हें जमानत दे दी गई।
इससे पहले सोमवार को दिन भर दोनों के लापता होने के मामले में पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जुटे। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने ऐसा कौन सा अपराध कर दिया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह की कार्रवाई की गई।
आरोप लगाया गया कि युवकों को पकड़कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उन्होंने मांग की कि दर्ज FIR रद्द की जाए और जिन पुलिसकर्मियों ने युवकों के साथ मारपीट की, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी।
इस चेतावनी के ठीक पांच घंटे बाद दोनों जिलाध्यक्ष डीसीपी दफ्तर में पेश हो गए। उनके साथ पांच वकील भी थे। हालांकि, गुरुग्राम पुलिस की ओर से इस बारे में अभी तक कोई अधिकारी बयान नहीं आया है।

गुरुग्राम में सीएम नायब सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाते कांग्रेस नेता।
पुलिस की ओर से ये दर्ज किया गया था केस
ASI चांद राम की ओर से थाना सिविल लाइन में BNS की धाराओं (115(2), 121(1), 126(2), 190, 191(2), 221, 132, 285, 270) के तहत मामला दर्ज कराया गया था। इसमें घटना का दिन और स्थान 21 अगस्त 2026, सिविल लाइन रोड (जॉन हाल के पास), गुरुग्राम बताया गया था। लिखा था कि मुख्यमंत्री के काफिले के निकलते ही कुछ असामाजिक तत्वों ने सड़क पर आकर रास्ता रोक दिया और नारेबाजी की। पुलिस द्वारा हटाने की कोशिश करने पर आरोपियों ने QRT जवानों के साथ हाथापाई व मारपीट की, वर्दी फाड़ी और शारीरिक चोटें पहुंचाईं।
इसमें मुख्य आरोपी हरकेश को मौके से काबू कर लिया था। वर्धन यादव, अमन प्रजापत, राजीव यादव, नीरज यादव, विकास हुड्डा, मुकेश डागर, पंकज डाबर, शिव, निखिल, अनुज, डॉ. हरेन्द्र सहरावत और 5-6 अन्य फरार हो गए थे। ASI चांद राम और EHC कर्मबीर का सरकारी अस्पताल सेक्टर-10 से मेडिकल कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई। शिकायत और MLC रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच PSI शलिंदर को सौंपी गई।
SHO समेत 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड हो चुके
इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार (21अगस्त) रात कांग्रेस के 8 कार्यकर्ताओं नीरज यादव, शिव कुमार, निखिल, अनुज, हरकेश प्रधान, अमन प्रजापति, राजीव यादव और हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें DCP वेस्ट करण गोयल के सामने पेश किया गया था। शनिवार (22 अगस्त) शाम करीब 7 बजे इन सभी को बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।
वहीं, इस मामले में सिविल लाइंस थाने के एसएचओ समेत 17 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। सस्पेंड होने वालों में सिविल लाइंस थाने में तैनात नौ पुलिसकर्मी, क्यूआरटी टीम के छह और सिक्योरिटी ब्रांच का एक एएसआई शामिल है।
सोमवार को दिन में प्रदर्शन से जुड़ी तीन तस्वीरें…

पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर नारेबाजी करते कांग्रेस कार्यकर्ता।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर पहुंचे।

जेल चौक से राजीव चौक की तरफ जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई।
सोमवार को दिन में हुए प्रदर्शन में राव नरेंद्र सिंह ने ये कहा…
- 1. युवाओं में भाजपा के खिलाफ नाराजगी : प्रदर्शन के बाद राव नरेंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सैनी एक कार्यक्रम में शामिल होने गुरुग्राम आए थे। पूरे देश में युवाओं में भाजपा के खिलाफ नाराजगी है। इसी वजह से गुरुग्राम में NSUI और कांग्रेस से जुड़े युवाओं ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
- 2. पुलिस के वर्दी फाड़ने के आरोप झूठे : राव ने कहा कि पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की वर्दी फाड़ दी। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। नेताओं ने सिर्फ काले झंडे दिखाए थे और किसी के साथ मारपीट नहीं की। वे सड़क के किनारे खड़े थे। लापता दोनों जिलाध्यक्षों की उन्हें जानकारी नहीं है। दोनों को सामने आना चाहिए। उन्हें पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। कांग्रेस इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
- 3. NSUI नेता के पिता से गलत व्यवहार किया : उन्होंने कहा कि इन नेताओं के साथ मारपीट की गई और उनके परिवार वालों को परेशान किया गया। NSUI नेता के पिता के साथ भी गलत व्यवहार किया गया। राव ने आरोप लगाया कि सरकार के कहने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि कांग्रेस की शराफत को कमजोरी न समझा जाए। इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।

परिजनों का आरोप- बोलेंगे तो हमें भी हिरासत में ले लेंगे
लापता कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज डावर के परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री के विरोध के मामले में पुलिस ने 21 अगस्त को उनके बेटे को हिरासत में लिया था और अगले दिन छोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि उन्हें डर है कि अगर वे इस मामले में कुछ बोलेंगे तो पुलिस उन्हें भी हिरासत में ले सकती है। इसी वजह से वे फिलहाल मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
भाजपा ने भी कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया
उधर, भाजपा जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ACP धर्मबीर से भी मुलाकात की और मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

गुरुग्राम में पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर खड़े भाजपा कार्यकर्ता।



