फतेहाबाद में 26 वर्षीय युवक ने फाइनेंसर के कर्ज और धमकियों से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मौत से पहले युवक ने पिता के नाम अपने वॉट्सअप में मैसेज सेव कर 10 लाख रुपए के कर्ज, किस्त और फाइनेंसर से मिल रही धमकियों की जानकारी लिखी थी। युवक ने लिखा-
मां पापा सॉरी, मैं बहुत-बहुत सॉरी हूं। मैं आपसे सच में बहुत प्यार करता हूं मां पापा। मैं जो भी कर रहा हूं, ये मेरी मजबूरी है। मैं आप दोनों को और दुखी नहीं देख सकता। पहले ही मेरी वजह से बहुत कुछ हुआ है। आपकी बेइज्जती हुई, बुआ चिराग की बेइज्जती की। सॉरी मां पापा, मुझे माफ कर देना।

उधर, पुलिस का कहना है कि इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है और बयान दर्ज किया जा रहे हैं। बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, युवक के इस मैसेज को भी जांच में शामिल कर लिया है।

युवक द्वारा अपने पिता के नाम लिखे गए आखरी मैसेज का स्क्रीनशॉट।
काम के लिए लिया था 10 लाख कर्ज
सुसाइड करने वाले युवक की पहचान 4 मरला कॉलोनी, मसीत वाली गली निवासी गौरव के रूप में हुई। पिता तरुण (48) के मुताबिक, गौरव ने काम के लिए हिसार के एक फाइनेंसर से 10 लाख रुपए लिए थे। ये बातें गौरव ने पिता के नाम लिखे मैसेज में भी कही।
पढ़िए, पिता के नाम लिखा पूरा मैसेज
गौरव ने पिता को मैसेज में लिखा- मां-पापा, आप दोनों पूछ रहे थे वो मां वाला चेक मैंने किसको दिया है। हिसार का प्रदीप भाईसाहब है। उनको दिया है। उनसे पैसा लिया था मां पापा। काम करने का लिया और वो पैसा, लेकिन मैं कहीं हार गया। 10 लाख 3% ब्याज पर, पर मंथ किस्त बनावी थी 80,000। पापा पिछले मंथ तो मैंने दी है। इस मंथ किस्त का सिस्टम नहीं हुआ। पापा प्रदीप भाईसाहब अलग टाइप का बंदा है। उनको किस्त ना दी थी तो पापा वो पता नहीं किया करेगा। घर आकर आपको मां को मारेगा पापा ये सबको मारेगा…
जहर खाने के बाद अस्पताल ले गए, इलाज के दौरान मौत
दरअसल, गौरव ने मंगलवार रात 10 बजे के करीब अपने फोन में पूरा मैसेज लिखकर सेव कर लिया था। इसके बाद अगले दिन सुबह 4 बजे जहरीला पदार्थ खा लिया। पहले उसने किसी को नहीं बताया और घर वाले फूड पॉइजनिंग समझते रहे और दवाई देते रहे। इसके बाद उसने 5 घंटे बाद अपनी बुआ को सब बताया। तभी परिजन तुरंत उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
मोबाइल और वॉट्सएप मैसेज पुलिस के कब्जे में
घटना की सूचना मिलने पर बस स्टैंड पुलिस चौकी ने जांच शुरू की। पुलिस ने गौरव का मोबाइल फोन और पिता को भेजा गया आखिरी वॉट्सएप मैसेज अपने कब्जे में लिया है। पुलिस परिजनों के बयान और मैसेज में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इकलौता बेटा था, बहन की शादी हो रखी
परिजनों के अनुसार, गौरव उनका इकलौता बेटा था। वहीं, उसकी बहन की 2 साल पहले हिसार में शादी हो चुकी है। गौरव के मामा के बेटे राजू ने बताया कि वह हिसार के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में मेडिकल शॉप पर काम करता था और 1 तारीख से वह फतेहाबाद के जन औषधालय पर काम कर रहा था। वो कुछ अपना काम करना चाहता था, इसलिए उसने इतने पैसे कर्ज पर लिए थे।

मामले में फतेहाबाद पुलिस को बयान दर्ज कराने पहुंचे परिजन। सफेद कुर्ते में मृतक गौरव के पिता तरुण हैं।
पुलिस बोली-फाइनेंसर की भूमिका की जांच होगी
सिटी थाना प्रभारी संजय मोरवाल के अनुसार, युवक की मौत के मामले में उसके आखिरी मैसेज और परिजनों के बयानों को जांच का आधार बनाया जा रहा है। फाइनेंसर की ओर से युवक पर किस तरह का दबाव बनाया गया था और उसके आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। पुलिस ने तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
