छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के गीदम शहर में 80 साल से सार्वजनिक गणेशोत्सव मनाया जा रहा है। इस बार भी 11 दिन तक आयोजन होगा। गणेश मंडप में नगर के अलग-अलग समाजों को आमंत्रित कर महाआरती और सम्मान किया जाएगा।
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19 से 23 सितंबर तक पुराना बाजार पारा स्थित सार्वजनिक कला मंच पर रोज शाम 7 से रात 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। आयोजन में दिगंबर जैन, क्षत्रिय, साहू, बंगाली, आदिवासी समाज समेत अन्य समाजों और संस्थाओं की भागीदारी रहेगी।

गणेशोत्सव की स्थापना पूजा में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी और गुमड़ा के स्वामी भी शामिल हुए। पहले दिन ब्राह्मण समाज के लोगों को आमंत्रित कर पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद दिगंबर जैन समाज की महाआरती कराई गई। समिति का कहना है कि हर साल नगर के अलग-अलग समाजों को आयोजन से जोड़ा जाता है।
15 साल से साजिद संभाल रहे सांस्कृतिक आयोजन
समिति के सांस्कृतिक प्रमुख साजिद भारती (खान भैया) पिछले 15 साल से आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मुस्लिम समाज से होने के बावजूद वे गणेशोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। शेख नसीम समेत अलग-अलग समाजों के लोग भी आयोजन में सहयोग करते हैं।

19 से 23 सितंबर तक ये कार्यक्रम
19 सितंबर- स्वर धारा मानस परिवार, पेंटा की भजन मंडली, डांस और गायन 20 सितंबर- आस्था गुरुकुल, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, माधवपारा स्कूल और पोटा केबिन कारली 21 सितंबर- संगीत महाविद्यालय, जावंगा (गीदम) 22 सितंबर- दंतेश्वरी म्यूजिकल ग्रुप, गीदम 23 सितंबर- सांस्कृतिक क्लब, गीदम और पुरस्कार वितरण समिति ने गीदम के लोगों, व्यापारियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से गणेशोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।
