हरियाणा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रॉपर्टी टैक्स का नया सिस्टम लागू कर दिया है। अब टैक्स की गणना कलेक्टर रेट के आधार पर होगी। शहरों को 4 कैटेगरी में बांटा गया है।
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इसके साथ ही फ्लोर फैक्टर, प्रॉपर्टी की कैटेगरी, रिबेट, टैक्स बढ़ने की अधिकतम सीमा, लाल डोरा की छूट, किराए पर दी गई संपत्ति पर अतिरिक्त टैक्स और गलत जानकारी देने पर जुर्माने जैसे कई नए नियम लागू होंगे।
ऐसे में लोगों के मन में कई सवाल हैं कि नया टैक्स कैसे तय होगा, किसे कितनी छूट मिलेगी और किन मामलों में ज्यादा टैक्स देना होगा। इन सभी सवालों के आसान जवाब एक्सपर्ट जसवंत सिंह (रिटायर्ड जोनल टैक्स ऑफिसर) से जानिए।

सवाल: यह नया प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम कब से लागू हो रहा है? जवाब: यह नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-2027 से पूरी तरह लागू होगी। जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने FY 2026-27 तक का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
सवाल: नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद टैक्स देने पर क्या नियम है? जवाब: नोटिफिकेशन जारी होने के 1 महीने तक प्रॉपर्टी मालिकों के पास पुरानी दरों (11.10.2013 के नियम) से टैक्स भरने का विकल्प रहेगा। 1 महीने के बाद सभी को नई दरों से ही टैक्स देना होगा।
सवाल: पुराने बकाया और ब्याज पर इस पॉलिसी का क्या असर होगा? जवाब: FY 2025-2026 तक के पुराने बकाया और ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा, वे जस के तस बने रहेंगे।
सवाल: नई व्यवस्था में संपत्ति का मूल्य कैसे तय होगा? जवाब: संपत्ति का मूल्य कलेक्टर रेट के आधार पर तय होगा।

सवाल: फ्लोर फैक्टर क्या है? जवाब: केवल ग्राउंड फ्लोर बना होने पर फ्लोर फैक्टर 1 माना जाएगा। हर अतिरिक्त मंजिल या बेसमेंट बनने पर इसमें 0.25 जुड़ता जाएगा।

सवाल: आवासीय घरों के लिए ‘मल्टीप्लिकेशन फैक्टर’ (Usage Factor) की स्लैब क्या है? जवाब: प्लॉट या मकान के आकार के अनुसार टैक्स की दर में छूट (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) मिलेगी।
50 वर्ग मीटर तक के मकान/इंडिपेंडेंट फ्लोर: 0.25 (यानी टैक्स का सिर्फ 25% देना होगा)
50 से 100 वर्ग मीटर तक के मकान: 0.50
100 से 200 वर्ग मीटर तक के मकान: 0.75
100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट: 0.75
अन्य सभी बड़े आवासीय मकान: 1.00

सवाल: औद्योगिक और अन्य विशेष संपत्तियों के क्या नियम हैं? जवाब:
इंडस्ट्रियल प्लॉट:
500 वर्ग मीटर तक: 0.25 फैक्टर
500 से 2,000 वर्ग मीटर तक: 0.50 फैक्टर
2,000 से 5,000 वर्ग मीटर तक: 0.75 फैक्टर
5,000 वर्ग मीटर से अधिक: 1.00 फैक्टर
संस्थागत संपत्तियां: सभी पर 0.25 का फैक्टर लागू होगा।
गॉल्फ कोर्स, पेट्रोल पंप, मोबाइल टावर और प्राइवेट हॉस्पिटल पर 1.00 या संबंधित कमर्शियल दरें लागू होंगी।
सवाल: क्या किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर ज्यादा टैक्स लगेगा? जवाब: जी हां। यदि किसी संपत्ति या उसके किसी हिस्से को किराए पर दिया गया है, तो किराए वाले हिस्से पर लागू सामान्य टैक्स दर का 0.25 गुना अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
सवाल: अगर नया टैक्स पुराने टैक्स से बहुत ज्यादा हो जाए, तो क्या कोई सीमा (कैपिंग) है? जवाब: जी हां। सरकार ने सालाना प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ने की अधिकतम सीमा तय की है।
250 वर्ग मीटर तक के मकान / 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट: पुराने टैक्स के अधिकतम 1.25 गुना तक।
250 से 350 वर्ग मीटर तक के मकान: पुराने टैक्स के अधिकतम 1.5 गुना तक।
अन्य आवासीय संपत्तियां और 500 वर्ग मीटर तक के इंडस्ट्रियल प्लॉट: पुराने टैक्स के अधिकतम 1.5 से 2 गुना तक।
अन्य सभी संपत्तियां: पुराने टैक्स के अधिकतम 3 गुना तक ही बढ़ सकता है।

सवाल: लाल डोरा की संपत्तियों के लिए क्या खास छूट है? जवाब: निकाय में शामिल होने की तारीख से 5 साल तक लाल डोरा के आवासीय मकानों (अधिकतम 3 मंजिल तक) पर प्रॉपर्टी टैक्स में पूरी छूट मिलेगी। वहीं, मौजूदा गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित आवासीय मकानों को 75% की रिबेट (छूट) दी जाएगी।
सवाल: क्या एक व्यक्ति एक से अधिक रिबेट का लाभ ले सकता है? जवाब: हां, एक व्यक्ति एक से अधिक रिबेट का लाभ ले सकता है। हालांकि, किसी भी संपत्ति पर मिलने वाली कुल रिबेट अधिकतम 25% तक ही सीमित रहेगी।
सवाल: अगर किसी ने टैक्स बचाने के लिए गलत डिक्लेरेशन दिया तो क्या होगा? जवाब: गलत जानकारी देकर टैक्स बचाने की कोशिश करने पर बचाई गई टैक्स राशि का दोगुना (2 गुना) जुर्माना लगेगा। इसके अलावा, 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज भी वसूला जाएगा।

सवाल: अवैध या अनधिकृत निर्माण पर क्या पेनाल्टी है? जवाब: किसी भी अवैध या अनधिकृत निर्माण पर, जब तक उसे नियमित (Regularize) नहीं किया जाता या हटाया नहीं जाता, तब तक देय प्रॉपर्टी टैक्स का दोगुना (2 गुना) जुर्माना अतिरिक्त देना होगा।
सवाल: समय पर टैक्स न भरने पर कितना ब्याज लगेगा? जवाब: समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करने पर 1.5% प्रति माह (या उसके हिस्से) की दर से साधारण ब्याज देना होगा।
सवाल: छूट का लाभ लेने के लिए क्या शर्त अनिवार्य है? जवाब: सभी छूट और रिबेट का लाभ केवल सेल्फ-सर्टिफाइड संपत्तियों पर ही मिलेगा। इसके लिए बकाया टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी सहित 100% राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। किस्तों में भुगतान करने पर किसी भी तरह की रिबेट नहीं मिलेगी।
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