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Jagraon Farmers Protest | HDFC Bank Land Auction Controversy


जगराओं में जमीन की नीलामी के विरोध में प्रदर्शन करते किसान।

लुधियाना देहात के गांव गुरुसर काउंके में किसान की साढ़े 8 एकड़ जमीन की प्रस्तावित नीलामी को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। HDFC बैंक की ओर से किसान निर्मल सिंह की जमीन की 13 अक्टूबर को नीलामी किए जाने की सूचना मिलने के बाद किसान-मजदूर संगठनो

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किसान संगठनों के प्रतिनिधि गांव के गुरुद्वारा पातशाही छठी में एकत्रित हुए और नीलामी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस विरोध को आढ़ती एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया। किसान निर्मल सिंह के बेटे तरसेम सिंह ने बताया कि उसके पिता ने वर्ष 2015 में अपनी साढ़े 8 एकड़ जमीन पर HDFC बैंक से करीब 35 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उसके पिता समय-समय पर कर्ज की अदायगी भी करते रहे। वर्ष 2019 में पिता की मौत के बाद उसने भी बैंक का कर्ज चुकाना जारी रखा।

बैंक को दे चुका 25 लाख रुपए

तरसेम सिंह के मुताबिक, अब तक वह करीब 20 से 25 लाख रुपए बैंक को दे चुका है। हालांकि, स्वास्थ्य ठीक नहीं रहने के कारण पिछले कुछ समय से वह बकाया राशि जमा नहीं कर पाया। इस दौरान बैंक कर्मचारी कर्ज की अदायगी के लिए उससे संपर्क करते रहे।

अब 71 लाख रुपए की राशि बताई गई

तरसेम सिंह ने बताया कि उस समय उसे बड़ा झटका लगा, जब बैंक की ओर से ब्याज सहित बकाया राशि करीब 44 लाख रुपए बताई गई। उसका कहना है कि जब वह इस मामले को लेकर चंडीगढ़ में बैंक के उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा तो वहां उसे करीब 71 लाख रुपए की राशि बताई गई।

कर्ज की राशि में इस अंतर को लेकर किसान परिवार असमंजस में है। परिवार का कहना है कि पहले कर्ज की अदायगी और अब बकाया राशि की गणना को स्पष्ट किया जाना चाहिए। हालांकि, बैंक की ओर से कर्ज के हिसाब, ब्याज और बकाया राशि के संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

जमीन की नीलामी के संबंध में पोस्टर लगाए

तरसेम सिंह के अनुसार, बैंक की ओर से गांव में जमीन की नीलामी के संबंध में पोस्टर लगाए गए और मुनादी भी करवाई गई। इसमें 13 अक्टूबर को साढ़े 8 एकड़ जमीन की नीलामी किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद उसने किसान-मजदूर संगठनों से संपर्क किया और नीलामी का विरोध करने की अपील की।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने नीलामी की कार्रवाई का विरोध किया मंगलवार को किसान संगठन गुरुसर काउंके पहुंचे और गुरुद्वारा पातशाही छठी में एकत्रित होकर विरोध दर्ज करवाया। संगठनों के प्रतिनिधियों ने नीलामी की कार्रवाई का विरोध करने के लिए आगे की रणनीति तैयार की। इस दौरान आढ़ती एसोसिएशन ने भी किसान परिवार के समर्थन में खड़े होने का ऐलान किया।

दोपहर तक नहीं पहुंचे बैंक अधिकारी, विरोध जारी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के मुताबिक, दोपहर तक बैंक अधिकारी गांव में नहीं पहुंचे थे। इसके बावजूद किसान-मजदूर संगठन मौके पर डटे रहे और प्रस्तावित नीलामी का विरोध करते रहे। मामले को लेकर गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। फिलहाल किसान परिवार की मांग है कि बैंक कर्ज की पूरी गणना स्पष्ट करे और जमीन की नीलामी के मामले पर उचित सुनवाई की जाए। नीलामी की कार्रवाई के संबंध में बैंक का आधिकारिक पक्ष तथा आगे की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।



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